Last Updated on September 10, 2026 12:51 am by INDIAN AWAAZ

XX
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित समुद्री मार्ग, नौवहन की स्वतंत्रता, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और निर्बाध समुद्री व्यापार हिंद महासागर क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा और समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। श्री सिंह ने यह बात श्रीलंका के कोलंबो स्थित रक्षा मंत्रालय के अपने दौरे के दौरान कही। श्री सिंह तीन दिवसीय श्रीलंका यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने भारत-श्रीलंका की दीर्घकालिक रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजी से विकसित हो रही वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों से उत्पन्न होने वाले खतरों से निपटने के लिए दोनों देशों को संयुक्त प्रोटोकॉल तैयार और कार्यान्वित करने होंगे, कौशल को निखारना होगा और अनुभवों को साझा करना होगा। उन्होंने पारस्परिक और समग्र क्षेत्रीय सुरक्षा तथा विकास के लिए महासागर की परिकल्पना के अंतर्गत मजबूत समुद्री साझेदारी के लिए नए प्रतिमान विकसित करने का भी आह्वान किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देश मादक पदार्थों और समुद्री डकैती के खिलाफ लड़ाई तथा मानव तस्करी पर नियंत्रण पाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। श्री सिंह ने दोनों देशों के सहयोग से स्थापित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र के शुभारंभ को हिंद महासागर के जलक्षेत्र को सुरक्षित रखने के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। श्री सिंह ने कहा कि समुद्री सहयोग को सुरक्षा ढांचे से आगे बढ़कर मत्स्य पालन और जलीय कृषि, समुद्री जैव प्रौद्योगिकी, महासागर विज्ञान, समुद्री पर्यावरण संरक्षण और समुद्री पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत आर्थिक साझेदारी को शामिल करना चाहिए। भारत को सच्चा विश्व मित्र बताते हुए, श्री सिंह ने अपने साझा पड़ोस में रचनात्मक और भरोसेमंद भूमिका निभाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
