Last Updated on January 20, 2026 11:11 pm by INDIAN AWAAZ

AMN/ WEB DESK

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच 2026 के दौरान विश्व नेताओं से मुलाकात की। बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री मैक्सिम प्रीवोट से मुलाकात में उन्होंने अनुसंधान और विकास, अपतटीय पवन और सौर ऊर्जा में सहयोग और हरित वर्गीकरण के क्षेत्र में भारत-बेल्जियम साझेदारी की मजबूती पर बल दिया। 

इसी दौरान श्री जोशी ने स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कुवैत के विद्युत, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री सुबैह अब्दुलअज़ीज़ अब्दुल मोहसेन अल-मुखैज़ीम से भी बातचीत की। श्री जोशी ने कहा कि चर्चा में भारत के सौर मॉड्यूल और सेल पारिस्थितिकी तंत्र का पता लगाना और कुवैत निवेश प्राधिकरण द्वारा भारत में निवेश को प्रोत्साहित करना शामिल था। यह नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग के विस्तार में मजबूत रुचि को दर्शाता है।

ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज दावोस में आयोजित व्यापक स्तर पर स्थिरता प्रदान करना: वैश्विक परिवर्तन के मार्ग नामक गोलमेज सम्मेलन में मुख्य भाषण दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि उन्होंने भारत के दृष्टिकोण को साझा किया कि कैसे स्थिरता आर्थिक विकास के केंद्र में आ गई है। संबोधन के दौरान श्री जोशी ने आर्थिक विकास के चालक के रूप में भारत के ऊर्जा परिवर्तन पर प्रकाश डाला और 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता की दिशा में हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने सौर और पवन ऊर्जा के देश में तेजी से विस्तार, पारदर्शी बाजार तंत्र के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा दरों में गिरावट तथा ऊर्जा सुरक्षा और   प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में घरेलू विनिर्माण की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। 

श्री मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि आगे का मार्ग नीति, वित्त, प्रौद्योगिकी और कार्यान्वयन को समन्वित करते हुए सामूहिक कार्रवाई में निहित है। यह स्थिरता की महत्वाकांक्षाओं को ऐसे व्यापक और लचीले परिणामों में परिवर्तित करने के साथ साथ दीर्घकालिक विकास और साझा समृद्धि का समर्थन करता है।