Last Updated on May 30, 2023 1:34 pm by INDIAN AWAAZ
AMN / WEB DESK
राजधानी दिल्ली के यूपी भवन में एक महिला के यौन शोषण का मामला सामने आया है। महिला ने इस मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत के बाद मामले की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस ने यूपी भवन का वह कमरा सील कर दिया है, जिसमें युवती की ओर से यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया गया है। उधर, इस मामले को लेकर यूपी सरकार बेहद गंभीर है। सरकार की ओर से विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं और कुछ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि मामले की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस इस मामले में ज्यादा कुछ कहने से बच रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपों पर अभी जांच की जा रही है।
शिकायत के मुताबिक, दिल्ली के रहने वाला एक शख्स बीते 26 मई को दोपहर करीब सवा 12 बजे एक अज्ञात महिला को लेकर यूपी भवन पहुंचा। आरोप है कि वहां रिसेप्शन पर मौजूद दो कर्मचारियों ने महिला के साथ आने वाले शख्स को एक कमरा उपलब्ध कराया। सूत्रों के मुताबिक, महिला के साथ यूपी भवन पहुंचने वाला शख्स उस कैटेगरी में शामिल नहीं हैं, जिन्हें दिल्ली के यूपी भवन में कमरा दिया जाए।
सूत्रों के मुताबिक, अज्ञात महिला ने चाणक्यपुरी थाने में जाकर उस शख्स के खिलाफ शिकायत दी है और आरोप लगाया है कि उसका यौन शोषण किया गया है।
आरोपी के खिलाफ केस दर्ज
इसके बाद चाणक्यपुरी स्थित यूपी भवन के कमरा नंबर 122 को दिल्ली पुलिस ने सील कर दिया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ इस कमरे में यौन शोषण हुआ है। महिला के चाणक्यपुरी थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी राजवर्धन सिंह परमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपी महाराणा प्रताप सेना नाम के संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष है। कमरे में महिला के साथ आरोपी 26 मई को करीब सवा 12 बजे आया था और 1 बजकर 5 मिनट पर निकल गया था। आरोपी ने एक अफसर को कमरा दिलवाने के नाम पर कमरा देखने के लिए खुलवाया था।
तीन अधिकारी निलंबित
यूपी सरकार ने इस मामले में बड़ी करवाई करते हुए दिल्ली के यूपी भवन में तैनात व्यवस्था अधिकारी दिनेश कारूष, राकेश चौधरी और पारस को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है इन लोगों ने आरोपी को गलत तरीके से कमरा दिखाया, जबकि वो यूपी भवन में रूम बुक कराने का पात्र नहीं है। फिलहाल राजीव तिवारी को यूपी भवन की जिम्मेदारी दी गई है।
