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पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध पर कई देशों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रूस ने ईरान पर अमरीका और इज़राइल द्वारा किए जा रहे हमलों को तत्काल रोकने का आह्वान किया है और कहा है कि स्थिति को राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के मार्ग पर वापस लाना आवश्यक है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन कार्यों का शीघ्रता से निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए जिन्हें उसने गैर-जिम्मेदाराना बताया है और जिनसे क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता का खतरा है। मंत्रालय ने कहा कि वह पहले की तरह ही अंतरराष्ट्रीय कानून, आपसी सम्मान और हितों के संतुलन पर आधारित शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयासों में सहायता करने के लिए तत्पर है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लॉयन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा है कि ईरान में हो रहे घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं। दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, नागरिकों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पूर्ण सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ निकटतम समन्वय में वे यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि क्षेत्र में यूरोपीय संघ के नागरिकों को पूरा समर्थन प्राप्त हो।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अपनी धरती पर हुए हमलों की निंदा की है और कहा कि ये हमले ईरान द्वारा उसके हवाई क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन करते हुए किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि कुवैत इस हमले की गंभीरता और उचित जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार रखता है।
बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने कहा कि ईरानी जनता को अपनी सरकार के फैसलों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेल्जियम को इस बात का गहरा दु:ख है कि राजनयिक प्रयासों से पहले कोई समझौता नहीं हो सका।
नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ने कहा कि इस हमले को इस्राएल ने सुरक्षात्‍मक हमला बताया है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान पर हुए इन अनुचित हमलों की कड़ी निंदा की है और संकट के शांतिपूर्ण और वार्ता के माध्यम से समाधान के लिए कूटनीति को तत्काल शुरू करके तनाव को रोकने का आह्वान किया है।
इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं। इंडोनेशिया को अमरीका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने का गहरा अफसोस है। इस कारण पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ गया है। इंडोनेशिया ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद तथा कूटनीति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने हमलों के बाद ईरान और पश्चिम एशिया में फिलीपींस के नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया है। प्रवासी श्रमिक विभाग के अनुसार, 2024 में पश्चिम एशिया में लगभग 21 लाख फिलीपींस के श्रमिक थे।