बैंकिंग शेयरों में कमजोरी, मेटल और ऑटो शेयरों ने दिया सहारा

AMN

अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पैदा हुई अस्थिरता के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते व्यापक बाजार ने प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

कारोबार के दौरान निफ्टी शुरुआती सत्र में 24,000 के करीब पहुंच गया था, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते बढ़त खत्म हो गई। दिन के निचले स्तरों से अंतिम घंटों में हुई खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।

BSE Sensex 141.90 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 75,867.80 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 6.55 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,907.15 पर बंद हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 0.81 प्रतिशत और निफ्टी 0.51 प्रतिशत टूट चुका है।

बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव निजी बैंकिंग और वित्तीय शेयरों से आया। HDFC Bank के शेयर 2.54 प्रतिशत टूट गए, जबकि Oil and Natural Gas Corporation में 4.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। ITC Limited के शेयर भी कमजोरी के साथ बंद हुए।

इसके विपरीत, मेटल और ऑटो शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों का रुझान उन सेक्टरों की ओर रहा जिनके लिए कच्चे माल की कीमतों में नरमी और घरेलू मांग में सुधार सकारात्मक माना जा रहा है।

व्यापक बाजार में मजबूती बनी रही। BSE MidCap सूचकांक 0.83 प्रतिशत चढ़ा, जबकि BSE SmallCap में 0.49 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई पर बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही, जहां 2,275 शेयर बढ़त में बंद हुए जबकि 1,945 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX 7.12 प्रतिशत गिरकर 14.98 पर आ गया, जिससे संकेत मिला कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों की घबराहट कुछ कम हुई है।

गुरुवार को बकरीद के अवसर पर बाजार बंद रहने वाला है, जिसके चलते निवेशकों ने पोजिशन एडजस्ट कीं। वहीं मासिक सेंसेक्स एक्सपायरी के कारण भी कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रहा।

बॉन्ड बाजार में भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड मामूली गिरकर 6.990 प्रतिशत पर आ गई। डॉलर के मुकाबले रुपया भी हल्की मजबूती के साथ 95.70 पर कारोबार करता दिखा।

कमोडिटी बाजार में सोना और कच्चा तेल दोनों कमजोर रहे। जून डिलीवरी वाला MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.45 प्रतिशत गिरकर ₹1,56,194 पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 3.35 प्रतिशत टूटकर 96.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और कूटनीतिक बातचीत पर बनी रही। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और जहाजों पर कार्रवाई की थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत “अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है”, हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वार्ता विफल होने पर सैन्य कार्रवाई संभव है।

यूरोपीय बाजार बढ़त में रहे, जबकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी शेयरों की मजबूती के कारण S&P 500 और Nasdaq Composite रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए।

व्यक्तिगत शेयरों में Zee Entertainment Enterprises 10.49 प्रतिशत उछल गया। कंपनी ने अपने नए स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग वेंचर ‘Unite8 Sports’ की घोषणा की है और वह फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है।

Timex Group India 13.07 प्रतिशत चढ़ा, जबकि Procter & Gamble Health में 10.53 प्रतिशत की तेजी आई।

JK Tyre & Industries 4.86 प्रतिशत मजबूत हुआ, वहीं Finolex Industries 7.74 प्रतिशत उछला। Gillette India के शेयरों में भी लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों के कारण बाजार में सतर्कता बनी रह सकती है। हालांकि मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे, व्यापक बाजार की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।