
हमारे बिजनेस संवाददाता द्वारा
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी और घरेलू मुद्रा की ऐतिहासिक गिरावट ने गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में ‘चौतरफा तबाही’ का मंजर पेश किया। निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते निफ्टी 50 ने 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया, जिससे बाजार में डर का माहौल रहा।
सेंसेक्स 582.86 अंक या 0.75% की गिरावट के साथ 76,913.50 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 180.10 अंक या 0.74% फिसलकर 23,997.55 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ा हाथ बैंकिंग शेयरों का रहा, जबकि आईटी इंडेक्स ने गिरते रुपये के बीच सुरक्षात्मक रुख अपनाते हुए बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।
कच्चे तेल का संकट और महंगाई का डर
बाजार में गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी रही। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं। ऐसी खबरें हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के बंदरगाहों की लंबी घेराबंदी की तैयारी कर रहे हैं, जिससे तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें घरेलू मुद्रास्फीति (महंगाई) और चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को बढ़ा सकती हैं। इसका सीधा असर मुद्रा बाजार पर दिखा, जहां भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.3450 को छू गया।
वैश्विक संकेत और फेड का रुख
वैश्विक बाजारों से भी कोई राहत नहीं मिली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% पर स्थिर रखा है, लेकिन 1992 के बाद पहली बार चार सदस्यों ने इस फैसले के खिलाफ मतदान किया, जो आंतरिक अनिश्चितता को दर्शाता है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने चेतावनी दी है कि तेल की ऊंची कीमतें अल्पावधि में महंगाई को और बढ़ा सकती हैं। इस बयान के बाद निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाना शुरू कर दिया।
दिग्गज शेयरों का प्रदर्शन
मार्केट हैवीवेट L&T (2.03% नीचे), ICICI बैंक (1.09% नीचे) और HDFC बैंक (0.98% नीचे) ने सूचकांकों को नीचे धकेलने में मुख्य भूमिका निभाई। बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी कमजोर रही; बीएसई पर 2,532 शेयर गिरे जबकि केवल 1,649 शेयरों में बढ़त देखी गई। डर का सूचकांक ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 5.86% बढ़कर 18.46 पर पहुंच गया, जो आने वाले समय में और अधिक उतार-चढ़ाव का संकेत है।
कॉर्पोरेट परिणाम और सुर्खियों में रहने वाले शेयर
गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों ने अपने नतीजों और खबरों के दम पर शानदार प्रदर्शन किया:
- बजाज ऑटो (Bajaj Auto): शेयर में 4.78% की तेजी आई क्योंकि कंपनी का बोर्ड 6 मई को शेयर बायबैक (Buyback) के प्रस्ताव पर विचार करने वाला है।
- MTAR Technologies: इस शेयर ने 14.09% की छलांग लगाई। इसकी प्रमुख अमेरिकी क्लाइंट ‘ब्लूम एनर्जी’ के शानदार नतीजों ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।
- मीशो (Meesho): विदेशी ब्रोकरेज द्वारा ‘ओवरवेट’ रेटिंग और ₹215 के टारगेट प्राइस के बाद शेयर 11.72% उछलकर ₹193.05 पर पहुंच गया।
- CemIndia Projects: कंपनी के शुद्ध लाभ में 113% की जबरदस्त वृद्धि के बाद इसमें 20% का अपर सर्किट लगा।
- हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL): लाभ में 21% की वृद्धि के बावजूद, लागत बढ़ने की आशंका में शेयर 2.70% गिरकर बंद हुआ।
आर्थिक आंकड़े और बॉन्ड यील्ड
भारत की 10 वर्षीय बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 7.040% हो गई। वहीं, सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने सोने का रुख किया, जिससे MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स 1.78% बढ़कर ₹1,51,700 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी सुस्ती के संकेत मिले हैं। पहली तिमाही में जीडीपी विकास दर उम्मीद से कम (0.1%) रही, जबकि ऊर्जा की कीमतों में 10.9% के उछाल के कारण मुद्रास्फीति 3.0% तक पहुंच गई है।
बाजार के लिए आगे क्या?
महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर शुक्रवार, 1 मई 2026 को शेयर बाजार बंद रहेगा। अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते होने वाले वैश्विक घटनाक्रमों और कच्चे तेल की चाल पर रहेगी। तकनीकी रूप से, निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24,200 पर कड़ा प्रतिरोध (Resistance) देखा जा सकता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
