Last Updated on January 7, 2026 10:25 pm by INDIAN AWAAZ

ज़ाकिर हुसैन | ढाका

बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और गहराती जा रही है। उत्तरी बांग्लादेश के नाओगांव ज़िले में चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा पीछा किए जाने के दौरान तालाब में कूदे एक 25 वर्षीय हिंदू युवक की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मृतक की पहचान मोहितदेवपुर उपज़िला के भंडारपुर गांव निवासी मिथुन सरकार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर हाट चकगौरी बाज़ार के पास हुई।

नाओगांव के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने पत्रकारों को बताया, “उस पर चोरी का आरोप लगाते हुए भीड़ ने पीछा किया। जान बचाने के लिए वह पानी में कूद गया और इसके बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर सर्विस की मदद से शव बरामद किया गया। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।”
उन्होंने कहा कि अभी यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि मिथुन सरकार वास्तव में किसी चोरी में शामिल था या नहीं।

स्थानीय लोगों द्वारा युवक के नहर में लापता होने की सूचना देने के बाद पुलिस और फायर सर्विस ने तलाशी अभियान शुरू किया। करीब चार घंटे बाद शव बरामद कर जिला अस्पताल भेजा गया।

यह घटना दिसंबर में छात्र नेता और ‘इंक़िलाब मंच’ के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की कड़ी में ताज़ा मामला है।

सोमवार रात नरसिंदी ज़िले में 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकानदार मणि (शरत चक्रवर्ती मणि) की हत्या कर दी गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पलाश उपज़िला के चारसिंधुर बाज़ार में दुकान बंद कर घर लौटते समय अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। मौके पर गिरने के बाद अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, वह हाल के हफ्तों में मारे गए तीसरे हिंदू कारोबारी थे।

इसी दिन कुछ घंटे पहले जेसोर ज़िले में एक अन्य हिंदू कारोबारी राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बैरागी कपालिया बाज़ार में एक आइस फैक्ट्री के मालिक थे और दैनिक अख़बार BD खबर के कार्यकारी संपादक भी थे। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने उन्हें फैक्ट्री से बाहर बुलाया और नज़दीक से सिर में गोली मार दी। मौके से सात खाली कारतूस बरामद किए गए हैं, जबकि हत्या का मकसद अब तक स्पष्ट नहीं है।

इससे पहले 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था, जो बाद में झूठा साबित हुआ। जनवरी 3 को खोकोन चंद्र दास (50) की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी गई, जबकि 24 दिसंबर को अमृत मंडल की कथित तौर पर राजबाड़ी ज़िले में लिंचिंग हुई थी।

एक अन्य मामले में 3 जनवरी को झिनैदह ज़िले में 44 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। पुलिस के अनुसार, महिला को पेड़ से बांधकर पीटा गया, उसके बाल काटे गए और घटना का वीडियो भी बनाया गया। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

मानवाधिकार संगठनों और हिंदू समुदाय के नेताओं का कहना है कि पिछले 18 दिनों में कम से कम छह हिंदू पुरुषों की हत्या हुई है, जिससे कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।