हमारे व्यापार संवाददाता

भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांकों ने गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में अपनी तेजी का सिलसिला जारी रखा। बाजार में यह बढ़त मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और ऑटोमोबाइल (Auto) शेयरों में हुई चौतरफा लिवाली के कारण देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता में प्रगति की खबरों से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी घरेलू बाजार की धारणा को मजबूत करने का काम किया।

कारोबार के अंत में निफ्टी 50 सूचकांक सफलतापूर्वक 24,150 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर इसके ऊपर बंद हुआ। इसी के साथ, निफ्टी आईटी इंडेक्स ने पिछले चार दिनों से जारी गिरावट के दौर को समाप्त करते हुए करीब 5% की शानदार रिकवरी दर्ज की। स्मॉल-कैप शेयरों में आई जोरदार तेजी के दम पर व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन मुख्य सूचकांकों से बेहतर रहा। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) के बैंकों के शेयर इस तेजी में शामिल नहीं हो सके और गिरावट के साथ बंद हुए।

बेंचमार्क सूचकांक और बाजार का रुख

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75% की बढ़त के साथ 77,502.12 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 169.85 अंक यानी 0.71% चढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ। आज की इस तेजी के बाद, पिछले दो सत्रों की संचयी (cumulative) बढ़त सेंसेक्स के लिए 1.33% और निफ्टी के लिए 1.29% रही।

निफ्टी को आज सबसे ज्यादा मजबूती देने वाले दिग्गज शेयरों में शामिल रहे:

  • इन्फोसिस (Infosys): 5.82% की बढ़त
  • टीसीएस (TCS): 4.45% की बढ़त
  • आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank): 1.54% की बढ़त

व्यापक बाजार में निवेशकों का जोखिम उठाने का भरोसा (Risk-on sentiment) साफ तौर पर देखा गया। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.65% मजबूत हुआ, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स ने 0.98% की बढ़त के साथ अधिक दमदार प्रदर्शन किया।

बाजार का कुल उतार-चढ़ाव (मार्केट ब्रेड्थ) पूरी तरह सकारात्मक रहा। बीएसई पर 2,536 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि 1,740 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 191 शेयर अपरिवर्तित रहे। बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला एनएसई का इंडेक्स इंडिया विक्स (India VIX) 7.21% गिरकर 12.29 के स्तर पर आ गया, जो निवेशकों के बीच कम होते डर और बाजार के स्थिर होने का संकेत है।

व्यापक आर्थिक स्थिति: राजकोषीय घाटा और मुख्य आंकड़े

मैक्रोइकोनॉमिक मोर्चे पर, चालू वित्त वर्ष (FY27) के शुरुआती महीनों के जारी आंकड़ों ने राजकोषीय घाटे में तेजी का संकेत दिया है। मई 2026 तक, यानी वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में भारत का राजकोषीय घाटा 1.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पूरे साल के बजटीय लक्ष्य का 9.6% है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 0.8% के मुकाबले काफी अधिक है।

राजकोषीय स्थिति का विवरण (अप्रैल-मई FY27):

  • कुल प्राप्तियां (Total Receipts): 7.19 लाख करोड़ रुपये
  • कुल व्यय (Total Expenditure): 8.81 lakh करोड़ रुपये
  • राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts): 6.99 लाख करोड़ रुपये (जिसमें 3.48 लाख करोड़ रुपये का कर राजस्व और 3.51 लाख करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व शामिल है)

बॉन्ड यील्ड, फॉरेक्स और कमोडिटी मार्केट

  • बॉन्ड यील्ड: भारत के 10-वर्षीय बेंचमार्क सरकारी पेपर की यील्ड 0.58% गिरकर 6.721 पर आ गई, जो पिछले सत्र में 6.760 पर बंद हुई थी। दूसरी ओर, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 0.42% बढ़कर 4.494 हो गई।
  • करेंसी मार्केट: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मामूली कमजोरी देखी गई। आंशिक रूप से परिवर्तनीय रुपया पिछले सत्र के 95.1650 के मुकाबले गिरकर 95.3950 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.33% कमजोर होकर 101.10 पर आ गया।
  • कमोडिटी: अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में सितंबर 2026 डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड वायदा भू-राजनीतिक तनाव कम होने से 1.06 डॉलर (1.48%) की गिरावट के साथ 70.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 अगस्त 2026 के निपटान वाला सोना वायदा मामूली तौर पर 0.04% बढ़कर 1,44,488 रुपये पर पहुंच गया।

सेक्टर की हलचल और कॉरपोरेट अपडेट

1. आईटी सेक्टर की जोरदार वापसी

गुरुवार के सत्र में निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.64% की भारी उछाल के साथ 26,965.05 के स्तर पर बंद हुआ। इस बड़ी रिकवरी के साथ आईटी इंडेक्स ने पिछले चार सत्रों की अपनी उस 6.52% की गिरावट की काफी हद तक भरपाई कर ली, जो हालिया सुधार (Correction) के दौरान हुई थी।

आईटी कंपनियांशेयर की चाल
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems)5.93% ऊपर
इन्फोसिस (Infosys)5.82% ऊपर
एम्फैसिस (Mphasis)5.68% ऊपर
कोफोर्स (Coforge)5.20% ऊपर
टेक महिंद्रा (Tech Mahindra)4.57% ऊपर
एचसीएलटेक (HCLTech)4.56% ऊपर
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)4.45% ऊपर
एलटीआईमाइंडट्री (LTIMindtree)3.54% ऊपर
विप्रो (Wipro)2.27% ऊपर
ओरकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर0.91% ऊपर

2. ऑटो बिक्री के आंकड़ों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

जून 2026 के बिक्री आंकड़ों के जारी होने के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में व्यापक उतार-चढ़ाव दिखा:

  • टीवीएस मोटर कंपनी (TVS Motor): जून में 47% की सालाना (YoY) शानदार वृद्धि के साथ 5,90,003 यूनिट्स की बिक्री दर्ज करने के बाद इसका शेयर 3.72% उछल गया।
  • फोर्स मोटर्स (Force Motors): जून 2026 में कुल बिक्री में 23.50% की बढ़त (3,568 यूनिट्स) रिपोर्ट करने के बाद शेयर 5.66% चढ़ गया।
  • बजाज ऑटो (Bajaj Auto): सालाना आधार पर बिक्री में 28% का बड़ा उछाल (4,63,202 यूनिट्स) आने के बावजूद कंपनी का शेयर सपाट रुख अपनाते हुए 0.05% की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
  • मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki): जून महीने में कुल घरेलू आपूर्ति 19.28% बढ़कर 2,00,390 यूनिट्स होने के बावजूद इसका शेयर 0.46% टूटकर लाल निशान में बंद हुआ।

3. बैंकिंग और अन्य कॉरपोरेट खबरें

  • बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda): इसके शेयर में 4.34% की भारी गिरावट आई। बैंक ने घोषणा की कि उसकी अबू धाबी शाखा ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एनएमसी हेल्थ ग्रुप (NMC Health) के परिसमापकों के साथ अदालत के बाहर एक समझौता कर लिया है। इस समझौते के तहत बैंक लंबे समय से चले आ रहे मुकदमों और कानूनी खर्चों को खत्म करने के लिए 600 मिलियन डॉलर (लगभग 5,700 करोड़ रुपये) का भुगतान करेगा। बैंक प्रबंधन ने साफ किया कि यह समझौता बिना किसी दोष या दायित्व को स्वीकार किए किया गया है।
  • बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India): 30 जून 2026 तक वैश्विक कारोबार में 16.58% की सालाना वृद्धि के साथ इसे 17,55,915 करोड़ रुपये पर पहुंचाने के दम पर बैंक का शेयर 2.65% चढ़ गया।
  • धनलक्ष्मी बैंक (Dhanlaxmi Bank): कुल लोन (Gross Advances) में 26.47% की बढ़ोतरी के साथ इसके 15,785 करोड़ रुपये पर पहुंचने से शेयर 5.20% मजबूत हुआ।
  • पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank): सालाना आधार पर कुल लोन वितरण में 19.50% की वृद्धि (1,19,440 करोड़ रुपये) दर्ज करने के बाद शेयर 1.63% ऊपर बंद हुआ।

मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों को मिले ऑर्डर

व्यावसायिक अपडेट और नए ऑर्डर्स मिलने की खबरों से कई स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में व्यक्तिगत रूप से बड़ा एक्शन देखा गया:

  • बाजार स्टाइल रिटेल (Baazar Style Retail): पहली तिमाही (Q1 FY27) के बेहतरीन नतीजों के बाद कंपनी का शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ 307.80 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 29% बढ़कर 486 करोड़ रुपये रहा, जबकि सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) 7% दर्ज की गई।
  • कोल इंडिया (Coal India): बुंदेलखंड सौर ऊर्जा से उत्तर प्रदेश के जालौन सोलर पार्क में 600 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए 2,831.11 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) मिलने से शेयर 0.87% सुधरा।
  • वेदांता एल्युमिनियम मेटल (Vedanta Aluminium): एक घरेलू ब्रोकरेज फर्म द्वारा इस शेयर पर ‘Buy’ (खरीदें) रेटिंग और 550 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किए जाने के बाद यह 2.15% बढ़कर 461.65 रुपये पर बंद हुआ।
  • एनएमडीसी (NMDC): जून महीने में लौह अयस्क (Iron Ore) के उत्पादन में 44.26% की सालाना बढ़ोतरी (5.15 मिलियन टन) के बाद शेयर 1.72% चढ़ा।

वैश्विक बाजार और प्राथमिक इक्विटी (IPO) की स्थिति

पूँजी बाजार की गतिविधियाँ

प्राथमिक बाजार से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। नए लिस्टेड शेयरों की बात करें तो, सीएसएम टेक्नोलॉजीज (CSM Technologies) की शुरुआत काफी सुस्त रही। इसका शेयर अपने 113 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 5% के डिस्काउंट के साथ 107.35 रुपये पर बंद हुआ। इसके विपरीत, नैक पैकेजिंग (Knack Packaging) के आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला। दूसरे दिन शाम तक 1.89 करोड़ शेयरों के ऑफर के मुकाबले इस इश्यू को 13.52 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं, जिसका मतलब है कि यह आईपीओ 7.13 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। यह इश्यू 3 जुलाई 2026 को बंद होगा और इसका प्राइस बैंड 161-170 रुपये तय किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों का हाल

वैश्विक स्तर पर बाजारों में असमान रुझान रहा। पिछले सत्र में वॉल स्ट्रीट (अमेरिकी बाजार) में सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई भारी मुनाफावसूली के चलते मिला-जुला रुख रहा। माइक्रोन और सैनडिस्क जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के शेयर 10% से अधिक टूट गए, जिससे नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq) 0.66% गिरकर 26,040.03 पर बंद हुआ। इसके विपरीत, डॉव जोन्स (Dow Jones) कारोबार के दौरान अपने रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद मामूली 0.03% की गिरावट के साथ 52,305.24 पर बंद हुआ। वैश्विक निवेशकों की नजरें अब अमेरिका के आने वाले नॉन-फार्म पेरोल (रोजगार) आंकड़ों पर हैं, जिसमें जून महीने में 1,15,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान जताया गया है।

एशियाई बाजारों की बात करें तो, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स क्षेत्रीय रुझान के विपरीत 7.36% की भारी गिरावट के साथ क्रैश हो गया। बाजार में मची इस भारी उथल-पुथल के कारण कोरिया एक्सचेंज को पांच मिनट के लिए ट्रेडिंग पर सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा। दूसरी ओर, यूरोपीय बाजारों में बढ़त देखी गई, जहां निवेशकों ने केंद्रीय बैंक के सख्त बयानों और स्थिर आर्थिक आंकड़ों के बीच संतुलन बिठाने का प्रयास किया।