Last Updated on April 9, 2026 11:27 pm by INDIAN AWAAZ
हमारे व्यापार संवाददाता द्वारा
वैश्विक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले पांच दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया और निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। अमेरिकी-ईरान युद्धविराम को लेकर उभरती चिंताओं ने दुनिया भर के बाजारों पर दबाव बनाया।
बीएसई (BSE) का सेंसेक्स 931.25 अंक या 1.20% की बड़ी गिरावट के साथ 76,631.65 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 222.25 अंक या 0.93% गिरकर 23,775.10 के स्तर पर आ गया। आज की गिरावट में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के शेयरों का बड़ा हाथ रहा।
बाजार की गिरावट के मुख्य कारण:
- वैश्विक तनाव: ईरान द्वारा अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डर का माहौल बना।
- डेरिवेटिव एक्सपायरी: सेंसेक्स के साप्ताहिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की समाप्ति के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ गया।
- कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 3.58% की उछाल आई, जिससे तेल आयात करने वाले देशों की चिंता बढ़ गई।
अर्थव्यवस्था: वर्ल्ड बैंक का सकारात्मक अनुमान
बाजार की गिरावट के बीच विश्व बैंक ने भारत के लिए अच्छी खबर दी है। वर्ल्ड बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। मजबूत घरेलू मांग और निर्यात में सुधार को इसका मुख्य कारण बताया गया है।
सुर्खियों में रहने वाले शेयर (Stocks in Spotlight)
| कंपनी | बदलाव | मुख्य अपडेट |
| टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) | +1.09% | मुनाफे में 2.08% की वृद्धि दर्ज की गई; $12 बिलियन के नए सौदे मिले। |
| अपोलो माइक्रो सिस्टम्स | +11.83% | नौसेना के लिए ‘लिम्पेट माइन्स’ के सफल परीक्षण के बाद शेयरों में उछाल। |
| होनासा कंज्यूमर | +6.22% | चौथी तिमाही में कारोबार में 20% से अधिक की वृद्धि की उम्मीद। |
| एम्बैसी डेवलपमेंट्स | +5.00% | प्री-सेल्स में 89% की भारी बढ़ोतरी के कारण अपर सर्किट लगा। |
| भारत फोर्ज | -2.29% | अपनी जर्मन सहायक कंपनी को बंद करने की योजना के बाद गिरावट। |
वैश्विक बाजार और अन्य आंकड़े
- रुपया: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 92.78 के स्तर पर बंद हुआ।
- सोना: एमसीएक्स (MCX) पर सोने की वायदा कीमतें हल्की बढ़त के साथ 1,52,003 रुपये पर रहीं।
- कच्चा तेल: वैश्विक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड $98.14 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान वार्ताओं और अन्य आईटी कंपनियों के तिमाही परिणामों पर निर्भर करेगी।
