हमारे व्यावसायिक संवाददाता

घरेलू शेयर बाजारों ने सोमवार को जोरदार वापसी करते हुए लगातार पांच सत्रों से चले आ रहे गिरावट के सिलसिले पर विराम लगा दिया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, मध्य पूर्व में कम होते भू-राजनीतिक तनाव और शुरुआती बेहतर कॉरपोरेट नतीजों के दम पर बाजार में चौतरफा लिवाली देखने को मिली। प्रमुख सूचकांकों ने महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों को फिर से हासिल किया, जिसमें निफ्टी ने 24,000 के आंकड़े के करीब क्लोजिंग दी।

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 776.01 अंक या 1.02% की तेजी के साथ 76,835.78 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 (Nifty) 228.50 अंक या 0.96% उछलकर 23,995.95 पर बंद हुआ। इस रिकवरी ने निवेशकों को पिछले सप्ताह की भारी गिरावट से बड़ी राहत दी है, जब लगातार पांच सत्रों में सेंसेक्स 2.67% और निफ्टी 2.32% टूट गया था।

बाजार का दायरा और मिडकैप-स्मॉलकैप का शानदार प्रदर्शन

बाजार में मजबूत भागीदारी देखने को मिली, जहां व्यापक बाजार (ब्रोअर मार्केट) ने फ्रंटलाइन सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 1.13% और बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 1.34% मजबूत हुआ।

बाजार का रुख पूरी तरह से खरीदारों के पक्ष में रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 2,259 शेयर चढ़े, जबकि 1,071 शेयरों में गिरावट आई और 116 शेयर अपरिवर्तित रहे। निवेशकों के बीच बढ़ते भरोसे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एनएसई का इंडिया VIX (जो बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका को मापता है) 9.76% लुढ़क कर 12.66 पर आ गया।

कॉरपोरेट नतीजे: प्रमुख गेनर्स और लूजर्स

चाल वित्त वर्ष (FY27) की पहली तिमाही (Q1) के वित्तीय नतीजों ने व्यक्तिगत शेयरों की चाल तय की, जिससे चुनिंदा शेयरों में भारी हलचल देखी गई:

प्रमुख गेनर्स (शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शेयर)

  • फेयरकेम ऑर्गेनिक्स (Fairchem Organics): Q1 FY27 में स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 755.56% की भारी उछाल के साथ 10.01 करोड़ रुपये पर पहुंचने और परिचालन से राजस्व 34.40% बढ़कर 176.15 करोड़ रुपये होने के बाद यह शेयर 5% के ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया।
  • लोधा डेवलपर्स (Lodha Developers): मजबूत आवासीय मांग और बेहतर प्रोजेक्ट निष्पादन के दम पर समेकित शुद्ध लाभ 103.36% उछलकर 1,372.1 करोड़ रुपये होने के बाद शेयर 5.27% चढ़ गया।
  • एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank): स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ में 37.03% की बढ़ोतरी के साथ 795.95 करोड़ रुपये पर पहुंचने के बाद इसमें 5.08% की तेजी आई।
  • इटरनल (Eternal): इसमें 5.61% की तेजी आई और यह निफ्टी को ऊपर खींचने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहा।
  • इंफोसिस और बजाज फाइनेंस: विदेशी ब्रोकरेज द्वारा सेक्टर को ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ करने के बाद इंफोसिस 3.59% और बजाज फाइनेंस 3.57% मजबूत हुए।
  • टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: समेकित शुद्ध लाभ में 27.78% की वृद्धि के साथ 426.98 करोड़ रुपये पर पहुंचने के बाद यह शेयर 1.84% चढ़ गया।
  • शेषशायी पेपर एंड बोर्ड्स: स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ लगभग दोगुना होकर (96.89% बढ़कर) 33.59 करोड़ रुपये पर पहुंचने के बाद शेयर 3.42% मजबूत हुआ।

प्रमुख लूजर्स और कमजोर शेयर

  • बिड़ला कॉर्पोरेशन (Birla Corporation): तिमाही राजस्व में 7.8% की वृद्धि के बावजूद, समेकित शुद्ध लाभ 3.20% घटकर 11.57 करोड़ रुपये रहने के कारण यह शेयर 5.42% लुढ़क गया।
  • जेन टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies): Q1 FY27 में समेकित शुद्ध लाभ 27.83% घटकर 34.46 करोड़ रुपये रहने और परिचालन राजस्व में 10.48% की गिरावट आने से यह शेयर 5.00% फिसल गया।
  • एसबीएफसी फाइनेंस (SBFC Finance): शुद्ध लाभ में 28.98% की अच्छी वृद्धि के बावजूद मुनाफावसूली (profit-booking) के कारण शेयर में 2.01% की गिरावट दर्ज की गई।
  • जिंदल स्टील: हालांकि यह शेयर इंट्रा-डे में 2.92% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, क्योंकि कुल आय 25.76% बढ़ी थी, लेकिन निवेशकों ने इसके समेकित शुद्ध लाभ में 43.58% की भारी गिरावट (घटकर 844 करोड़ रुपये) पर भी गौर किया।

मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़े और विदेशी मुद्रा भंडार

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) 1.08 अरब डॉलर बढ़कर 676.24 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा आस्तियां (FCAs), जो भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, 4.55 अरब डॉलर बढ़कर 551.06 अरब डॉलर हो गईं। हालांकि, इस दौरान स्वर्ण भंडार (Gold Reserves) 3.48 अरब डॉलर घटकर 101.75 अरब डॉलर पर आ गया।

मुद्रा बाजार में, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आंशिक रूप से परिवर्तनीय रुपया मजबूत होकर 95.9425 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में यह 96.5300 पर बंद हुआ था। वहीं, भारत के 10-वर्षीय बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड का यील्ड 0.82% घटकर 6.770% पर आ गया।

कमोडिटी और वैश्विक संकेत

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले रुख के बीच घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला। सितंबर 2026 की डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड वायदा (Brent Crude) 7.93 डॉलर यानी 8.19% की भारी गिरावट के साथ 88.85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच शत्रुता में ठहराव की खबरों से कच्चे तेल की कीमतें टूटीं।

कच्चे तेल में आई इस गिरावट से वैश्विक महंगाई की चिंताएं कम हुईं, जिसके चलते यूरोपीय शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई। एशियाई बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। इसके अलावा, चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार जून में औद्योगिक मुनाफे में सालाना आधार पर 15.1% की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि वृद्धि की रफ्तार लगातार दूसरे महीने धीमी रही।

आईपीओ बाजार में जबरदस्त हलचल

प्राथमिक बाजार (Primary Market) में निवेशकों की भारी रुचि बनी रही और आईपीओ को जबरदस्त सब्सक्रिप्शन मिला:

  • इंडो-मिम (INDO-MIM): निवेशकों की ओर से भारी मांग देखने को मिली। ऑफर पर मौजूद 5,50,93,201 शेयरों के मुकाबले 3,98,40,05,610 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। इस प्रकार यह इश्यू कुल 72.31 गुना सब्सक्राइब हुआ।
  • एक्सट्रानेट टेक्नोलॉजीज (Xtranet Technologies): यह इश्यू 12.16 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें 91,93,800 शेयरों के मुकाबले 11,18,38,430 शेयरों के लिए बोलियां आईं।
  • लोहिया कॉर्प (Lohia Corp): इस आईपीओ को 7.23 गुना का स्वस्थ सब्सक्रिप्शन मिला।