हमारे व्यापार संवाददाता द्वारा

घरेलू शेयर बाजारों में आज उतार-चढ़ाव का एक बड़ा ड्रामा देखने को मिला। सुबह की तेज बिकवाली के बाद दलाल स्ट्रीट ने निचले स्तरों से शानदार वापसी की और करीब 250 अंकों की रिकवरी दिखाई, लेकिन दोपहर बाद आईटी शेयरों में आई भारी गिरावट और वैश्विक भू-राजनीतिक चिंताओं ने इस बढ़त पर पानी फेर दिया।

शुरुआती सत्र में चौतरफा बिकवाली के दबाव में आकर निफ्टी 50 फिसलकर 23,151.50 के इंट्रा-डे निचले स्तर पर आ गया था। हालांकि, इसके बाद वैल्यू बाइंग (सस्ते दामों पर खरीदारी) के चलते सूचकांक ने जोरदार वापसी की और देर से कारोबार में 23,400 के स्तर को दोबारा पार कर लिया। लेकिन अंत में ऊपरी स्तरों पर टिकने में नाकाम रहने के कारण निफ्टी 77.95 अंक यानी 0.33% की गिरावट के साथ 23,405.60 पर बंद हुआ। इसी तरह, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (S&P BSE Sensex) 303.67 अंक या 0.41% टूटकर 74,346.17 के स्तर पर आ गया।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इंट्रा-डे बाउंस ने बाजार की मजबूती को जरूर दिखाया है, लेकिन तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है, जबकि 23,600 का स्तर एक बड़ा रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) बना हुआ है।

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मार्केट डैशबोर्ड (बाजार बंद होने के समय)
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सूचकांक        मौजूदा बंद       नेट बदलाव     % बदलाव     इंट्रा-डे निचला स्तर
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सेंसेक्स       74,346.17       -303.67       -0.41%      73,520.10
निफ्टी 50      23,405.60       -77.95        -0.33%      23,151.50
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मजबूत सर्विसेज पीएमआई पर भारी पड़े वैश्विक संकट

ट्रेडिंग फ्लोर पर छाई इस सावधानी का रुख घरेलू मोर्चे पर आए शानदार आर्थिक आंकड़ों से बिल्कुल जुदा था। मई 2026 के लिए ‘एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई’ (HSBC India Services PMI) का आंकड़ा संशोधित होकर 59.8 पर पहुंच गया, जो प्रारंभिक अनुमान (58.9) और अप्रैल के 58.8 से काफी बेहतर है। यह बहु-महीने का उच्च स्तर सेवा क्षेत्र में मजबूत विस्तार को दर्शाता है, जिसे नए ऑर्डर्स और विदेशी मांग में आए उछाल से बल मिला है। सबसे राहत की बात यह रही कि इनपुट लागत (लागत मुद्रास्फीति) में कमी देखी गई है, जिससे कंपनियों के मार्जिन पर दबाव कम होगा।

हालांकि, घरेलू अर्थव्यवस्था के इन सकारात्मक संकेतों को मध्य पूर्व (Middle East) से आए भू-राजनीतिक संकट ने दबा दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के इस बयान के बाद कि ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के बड़े हिस्सों में बारूदी सुरंगें (Mines) बिछा दी हैं, वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया। यह जलमार्ग दुनिया के कुल तेल शिपमेंट के लगभग 20% हिस्से के परिवहन के लिए जिम्मेदार है। हालांकि व्हाइट हाउस और पेंटागन ने कई सुरंगों और माइनलेइंग जहाजों को नष्ट करने का दावा किया, फिर भी तनाव बढ़ने की आशंका से ब्रेंट क्रूड 2.45% उछलकर 98.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिसने महंगाई की चिंता को फिर हवा दे दी है।

मैक्रो संकेतक और वैश्विक बाजारों का हाल

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर ने भारतीय बाजार के प्रमुख मैक्रो संकेतकों पर दबाव डाला:

  • फॉरेक्स और बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर 95.6775 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र में 95.3650 था। इसी के साथ भारत की 10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड मामूली बढ़त के साथ 7.025% पर पहुंच गई।
  • वोलैटिलिटी इंडेक्स: बाजार में बढ़ती घबराहट के बीच एनएसई का इंडिया विक्स (India VIX) 6.00% बढ़कर 16.28 पर बंद हुआ।
  • वैश्विक रुख: हालांकि अमेरिकी बाजार (Wall Street) में कल रात रिकॉर्ड तेजी देखी गई थी और एसएंडपी 500 ने पहली बार 7,600 का ऐतिहासिक स्तर पार किया था, लेकिन आज वैश्विक स्तर पर वह रफ्तार गायब रही। डॉव जोन्स फ्यूचर्स में 200 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी रही क्योंकि निवेशक 60 देशों पर नए अमेरिकी टैरिफ प्रस्तावों का आकलन कर रहे हैं।

कॉर्पोरेट सुर्खियां: आईटी में गिरावट और चुनिंदा शेयरों में एक्शन

आज बाजार की गिरावट की मुख्य वजह देश की दिग्गज आईटी कंपनियां रहीं, जिनमें भारी मुनाफावसूली (Profit-booking) देखी गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शेयर 8.39% टूटकर सबसे बड़ा लूज़र रहा। टीसीएस ने स्वीडन के सेंट्रल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी (Euroclear Group) के साथ एक बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समझौते की घोषणा की थी, लेकिन इसके बावजूद पिछले दो दिनों की बढ़त पूरी तरह साफ हो गई। इसके साथ ही एचसीएल टेक्नोलॉजीज (-5.19%) और इंफोसिस (-3.79%) में भी बड़ी गिरावट रही।

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आज के टॉप मूवर्स
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गिरावट वाले शेयर:             % बदलाव      तेजी वाले शेयर:             % बदलाव
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TCS                          -8.39%       John Cockerill              +20.00%
Marsons                      -7.32%       Varroc Eng.                 +3.36%
HCL Technologies             -5.19%       Concord Biotech             +3.03%
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बैंकिंग सेक्टर में, इंडसइंड बैंक का शेयर 1.38% गिर गया। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि बैंक के खिलाफ ₹2,000 करोड़ की कथित गड़बड़ी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस की विफलता को लेकर एक नई व्हिसलब्लोअर शिकायत दर्ज की गई है। हालांकि, बैंक ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उसे किसी नियामक संस्था से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है और रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों की पहले ही आंतरिक जांच कर सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं।

इस मंदी के माहौल के विपरीत, मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्पेस के कई शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली:

  • जॉन कॉकरिल इंडिया (John Cockerill India): जेएसडब्ल्यू विजयनगर मेटालिक्स से ₹1,250–1,300 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद इस शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा।
  • वररोक इंजीनियरिंग (Varroc Engineering): चीन की कंपनी TOLYY OPTRONICS के साथ डिजिटल कॉकपिट डिस्प्ले सॉल्यूशंस की मैन्युफैक्चरिंग के लिए रणनीतिक करार करने के बाद यह शेयर 3.36% चढ़ा।
  • कॉनकॉर्ड बायोटेक (Concord Biotech): ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा ‘माइकोफेनोलेट मोफेटिल’ को अमेरिकी एफडीए (USFDA) से मंजूरी मिलने के बाद शेयर 3.03% मजबूत हुआ।
  • एनएमडीसी (NMDC): लौह अयस्क (Iron Ore) की कीमतों में ₹200 प्रति टन तक की बढ़ोतरी करने की घोषणा के बाद कंपनी का शेयर 0.77% बढ़ा।

दूसरी ओर, रेगुलेटरी चिंताओं के कारण जायडस लाइफसाइंसेस का शेयर सपाट से कुछ गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि कंपनी की बद्दी (हिमाचल प्रदेश) यूनिट को यूएसएफडीए से एक वॉर्निंग लेटर मिला है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में, मार्संस असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड से ₹31.27 करोड़ का ऑर्डर मिलने के बावजूद 7.32% टूट गया, जबकि कैपेसिट इंफ्राप्रोजेक्ट्स रेमंड रियल्टी की सहायक कंपनी से ₹589 करोड़ का ऑर्डर हासिल कर 0.65% की बढ़त बनाने में कामयाब रहा।