Last Updated on April 28, 2026 10:47 pm by INDIAN AWAAZ
हमारे व्यापार प्रतिनिधि द्वारा
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भारतीय रुपये में रिकॉर्ड गिरावट के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में रहे। भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की निरंतर बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। बीएसई (BSE) सेंसेक्स 416.72 अंक (0.54%) टूटकर 76,886.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 97 अंक (0.40%) की गिरावट के साथ 23,995.70 के स्तर पर आ गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड $111.4 प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे भारत में आयातित मुद्रास्फीति (Imported Inflation) और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन: कहां रही तेजी, कहां मंदी?
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र: सबसे ज्यादा प्रभावित
आज की गिरावट का मुख्य केंद्र बैंकिंग स्टॉक्स रहे। एक्सिस बैंक, एसबीआई (SBI), और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक टॉप लूजर्स में शामिल रहे। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को ₹1,151.48 करोड़ की इक्विटी बेची, जिससे वित्तीय शेयरों पर दबाव बना। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे गिरकर 94.39 के स्तर पर पहुंच गया, जो बैंकिंग सेक्टर के लिए चिंता का विषय है।
ऊर्जा और कमोडिटी: कोल इंडिया में उछाल
मंदी के इस माहौल में कोल इंडिया (Coal India) ने शानदार प्रदर्शन किया। चौथी तिमाही के मजबूत नतीजों के चलते इसके शेयर 4% से अधिक चढ़े। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और भारती एयरटेल ने भी सूचकांक को सहारा दिया। सन फार्मा में भी निवेशकों ने सुरक्षात्मक खरीदारी (Defensive Buying) दिखाई।
ऑटो और एविएशन: लागत बढ़ने का डर
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) और मारुति के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। ईंधन की बढ़ती कीमतों से इन क्षेत्रों के मार्जिन पर असर पड़ने की संभावना है।
प्रमुख आर्थिक चुनौतियां
- गर्मी की लहर (Heat Wave) और महंगाई: कच्चे तेल के झटके के बाद अब देश में भीषण गर्मी की स्थिति खाद्य मुद्रास्फीति के लिए नया जोखिम पैदा कर रही है।
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता: ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी हटने पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन बाजार को फिलहाल किसी तत्काल समाधान की उम्मीद नहीं दिख रही है।
बाजार सारांश (28 अप्रैल, 2026)
| इंडेक्स | बंद स्तर | गिरावट (अंक) | प्रतिशत बदलाव |
| बीएसई सेंसेक्स | 76,886.91 | -416.72 | -0.54% |
| निफ्टी 50 | 23,995.70 | -97.00 | -0.40% |
| ब्रेंट क्रूड | $111.4/बैरल | +3.21 | +2.97% |
| रुपया (USD/INR) | 94.39 | +0.24 (पैसे) | गिरावट |
तकनीकी नजरिया: विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,850 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार 23,500 की ओर जा सकता है।

