Last Updated on April 27, 2020 11:29 pm by INDIAN AWAAZ

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रिजर्व बैंक ने म्‍यूचुअल फंड के प्रवाह पर जटिलता आसान करने के उद्देश्‍य से 50 हजार करोड़ रूपये के म्‍यूचुअल फंड के लिए विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह सतर्क है और कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा और वित्‍तीय स्थिरता सुरक्षित रखेगा।

रिजर्व बैंक ने एक बयान में बताया है कि कोविड-19 के कारण पूंजी बाजार में आई सुस्‍ती से म्‍यूचुअल फंड के प्रवाह में कमी आई है जिससे कुछ ऋण म्‍यूचुअल फंड बंद हो गये है और उन पर दबाव बढ़ गया है। हांलाकि, ये जटिलता उच्‍च जोखिम वाले कर्ज से संबंधित म्‍यूचुअल फंड के क्षेत्र में है और ज्‍यादातर उद्योगों में प्रवाह बना हुआ है।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि म्‍यूचुअल फंड के लिए विशेष तरलता सुविधा-एसएलएफ के अंतर्गत रिजर्व बैंक निश्चित रेपो दर पर 19 दिनों का रेपो ऑपरेशन चलाएगा। यह योजना आज से 11 मई तक अथवा आबंटित धन का उपयोग होने तक, जो भी पहले हो, उपलब्‍ध रहेगी। रिजर्व बैंक बाजार की स्थिति के आधार पर समय सीमा और धनराशि की समीक्षा करेगा।

रिजर्व बैंक एसएलएफ-एमएफ के अंतर्गत उपलब्‍ध धनराशि का इस्‍तेमाल म्‍यूचुअल फंड की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगा और इसके लिए उन्‍हें कर्ज देना होगा तथा कंपनी बांड, वाणिज्यिक पत्र, डिबेन्‍चर और म्‍यूचुअल फंड के जमा प्रमाण पत्र खरीदने होंगे