Staff Reporter / नई दिल्ली

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद के दोनों सदनों के विपक्षी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के निकट धरना दिया और छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कथित बल प्रयोग की घटना को लेकर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा तथा उनके इस्तीफे की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “हम प्रधानमंत्री मोदी के आवास तक इसलिए आए हैं ताकि कल छात्रों पर हुए अत्याचारों का जवाब मांगा जा सके। सरकार न तो इस मामले की जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर चर्चा कराने को तैयार है।”

केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”

प्रधानमंत्री आवास के निकट विपक्ष के इस अचानक विरोध-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और इस पूरे मामले पर संसद में तत्काल चर्चा कराई जानी चाहिए।

विपक्ष का कहना है कि छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं की गई तो उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

इस बीच, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने अपने विधिक प्रकोष्ठ को निर्देश दिया है कि जारी छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार, हिरासत में लिए गए तथा कथित रूप से पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले सभी युवाओं को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। पार्टी की ओर से कहा गया है कि प्रभावित छात्र और उनके परिजन सहायता के लिए एआईसीसी द्वारा जारी संपर्क विवरण पर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। संपर्क संबंधी विवरण पार्टी की ओर से सार्वजनिक किए गए हैं।