Last Updated on April 5, 2026 12:35 am by INDIAN AWAAZ

इंद्र वशिष्ठ,
दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट पुलिसकर्मियों के पकड़े जाने का सिलसिला जारी है। सीबीआई ने 3 अप्रैल को बाहरी जिले के पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर मनोज को एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बाहरी जिले में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी का दो महीने में ये तीसरा मामला सामने आया है।
सब-इंस्पेक्टर मनोज ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी की जमानत कराने के लिए 5 लाख रुपये रिश्वत मांगी। बाद में सब-इंस्पेक्टर मनोज ने रकम घटा कर तीन लाख रुपये कर दी। सीबीआई ने थाने के अंदर ही सब-इंस्पेक्टर मनोज को एक लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पश्चिम विहार (वेस्ट) थाने के एसएचओ देवेन्द्र सिंह को लाइन हाज़िर कर दिया गया।
इसके पहले सीबीआई ने 13 मार्च को बाहरी जिले के ही सुल्तान पुरी थाने में तैनात हवलदार राजेश और हवलदार अजय को सट्टेबाज से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में सुल्तान पुरी थाने के एसएचओ रवींद्र कुमार को लाइन हाज़िर किया गया था। एक अन्य मामले में सीबीआई ने 7 फरवरी को इसी जिले के पश्चिम विहार(ईस्ट) थाने में तैनात एएसआई ओम प्रकाश को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
भ्रष्टाचार चरम पर-
सीबीआई ने 24 मार्च को कश्मीरी गेट बस अड्डे की पुलिस चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर नीरज को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सब-इंस्पेक्टर नीरज ने बोतल बंद पानी बेचने वाले शिकायतकर्ता से 33 हजार रुपये महीना/मंथली रिश्वत मांगी थी।
दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने 15 मार्च को गीता कालोनी थाने में तैनात एएसआई रोहतास को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एएसआई ने शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने और केस में उसका बचाव करने की एवज में उससे रिश्वत मांगी थी।
सीबीआई ने 10 फरवरी को दिल्ली पुलिस के चितरंजन पार्क थाने के एएसआई सुंदर पाल सिंह को दस लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
एएसआई सुंदर पाल सिंह ने शिकायतकर्ता प्रेम सूद से दविंदर सलवान के साथ प्रॉपर्टी के एग्रीमेंट को कैंसिल करने के उसके मामले को निपटाने और यह पक्का करने के लिए कि दविंदर सलवान उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा, 25 लाख रुपये रिश्वत मांगी।
