Last Updated on May 26, 2026 4:23 pm by INDIAN AWAAZ
अरफ़ात / मक्का मुकर्रमा
हज 2026 के रूहानी माहौल के बीच आज मैदान-ए-अरफ़ात स्थित मस्जिद-ए-नमिरा में ख़ुत्बा-ए-अरफ़ा दिया गया, जिसे सुनने के लिए लाखों हाजियों का विशाल जनसमूह मौजूद रहा। इस अवसर पर मक्का के उप-गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल बिन अब्दुलअज़ीज़, सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ़्ती शेख सालेह अल-फ़ौज़ान, इस्लामी मामलों, दावत एवं मार्गदर्शन मंत्री शेख अब्दुल्लतीफ़ आल-अलशेख तथा हरमैन शरीफ़ैन के धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख अब्दुर्रहमान अल-सुदैस सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मस्जिद-ए-नबवी के इमाम शेख अली अल-हुदैफ़ी ने अपने ख़ुत्बे में कहा कि हज इस्लाम का एक महान और बुनियादी स्तंभ है, जिसकी बुनियाद पूर्ण एकेश्वरवाद, अल्लाह की बंदगी और आज्ञाकारिता पर टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि हज केवल एक इबादत नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के बीच भाईचारे, पारस्परिक परिचय, सहयोग और एकता का वैश्विक प्रतीक भी है, जहां नस्ल, भाषा और राष्ट्रीयता के सारे भेद मिट जाते हैं।
शेख अल-हुदैफ़ी ने ज़ोर देकर कहा कि हज की स्वीकृति के लिए उत्तम आचरण, सच्ची वाणी और हर प्रकार के पाप, विवाद, झगड़े तथा राजनीतिक या गुटीय नारों से बचना आवश्यक है। उन्होंने हाजियों से अपील की कि वे अपने व्यवहार में धैर्य, संयम और तक़वा को अपनाएं ताकि हज की वास्तविक भावना बनी रहे।

अपने संबोधन में उन्होंने इस्लाम के मूल स्तंभों, अल्लाह के भय और मोमिनों के लिए ईश्वरीय सहायता के सिद्धांतों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने हज के विभिन्न चरणों का उल्लेख करते हुए हाजियों को सलाह दी कि वे भीड़भाड़ और अफरा-तफरी से बचें, शांति और अनुशासन बनाए रखें तथा सुरक्षा के लिए जारी प्रशासनिक निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।
ख़ुत्बे के समापन पर शेख अली अल-हुदैफ़ी ने दुआ की कि अल्लाह तआला हाजियों की इबादतों और हज को कबूल फरमाए, मुस्लिम दुनिया को एकता प्रदान करे और हरमैन शरीफ़ैन की सेवा में लगे सऊदी नेतृत्व को बेहतरीन बदला अता करे।
ख़ुत्बे के बाद लाखों हाजियों ने सुन्नत के अनुसार ज़ोहर और असर की नमाज़ों को एक साथ और क़सर के साथ अदा किया। इस दौरान मैदान-ए-अरफ़ात का वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक दिखाई दिया।
हज के दौरान मक्का और पवित्र स्थलों में 64 लाख घन मीटर से अधिक पानी की आपूर्ति
मक्का मुकर्रमा
सऊदी वॉटर अथॉरिटी ने घोषणा की है कि एक ज़िलहिज्जा से आठ ज़िलहिज्जा 1447 हिजरी तक मक्का मुकर्रमा और मशाएर-ए-मुकद्दसा में 64 लाख घन मीटर से अधिक पानी वितरित किया गया। यह व्यवस्था हज सीज़न के दौरान हाजियों को निर्बाध सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार किए गए व्यापक परिचालन योजना का हिस्सा है।
अथॉरिटी के अनुसार, यौम-ए-तरवियह के दिन, जब लाखों हाजी मिना और अन्य पवित्र स्थलों की ओर रवाना हुए, पानी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान 8 लाख 83 हजार 640 घन मीटर से अधिक पानी उपलब्ध कराया गया, जो सऊदी जल प्रबंधन प्रणाली की दक्षता और आपात परिस्थितियों से निपटने की क्षमता को दर्शाता है।
बयान में कहा गया कि पानी की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी तथा प्रयोगशाला टीमों ने यौम-ए-तरवियह के दौरान विभिन्न परिचालन स्थलों पर 4 हजार 625 परीक्षण किए, ताकि स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो सके।
सऊदी वॉटर अथॉरिटी ने कहा कि संबंधित संस्थाओं के समन्वय से परिचालन योजनाएं लगातार लागू की जा रही हैं, ताकि मक्का और पवित्र स्थलों में पानी की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और हाजी पूरी शांति, सुविधा और संतोष के साथ अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।

