अंदलीब अख्तर

भारत सिर्फ एक देश का नाम नहीं…

भारत एक एहसास है—हमारे पूर्वजों के त्याग, माताओं की प्रार्थनाओं, वीर शहीदों के बलिदान और करोड़ों सपनों की वह धरती है, जिसे हम अपना घर कहते हैं। आज दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले हर भारतीय से बस एक बात कहना है—भारत से प्रेम केवल तिरंगा लहराने या राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं है। सच्ची देशभक्ति तब है, जब हम भारत की गरिमा का सम्मान करें, इसके लोगों का आदर करें, इसकी प्रकृति और संसाधनों की रक्षा करें और अपने हिस्से की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाएँ।

हम जहाँ भी हों, हमारी पहचान की जड़ें भारत की मिट्टी से जुड़ी हैं। हमारी भाषाएँ, हमारी विविध संस्कृतियाँ, हमारे हिमालय, नदियाँ, जंगल, रेगिस्तान, समुद्र, वन्यजीवन, त्योहार, मुस्कुराहटें और दुआएँ—सब मिलकर भारत की अद्भुत कहानी कहते हैं।

भारत की खूबसूरती उसकी विविधता में है। यहाँ अलग-अलग भाषाएँ, पहनावे, खान-पान और परंपराएँ हैं, लेकिन इन सबके बीच एक साझा भावना है—हम भारतीय हैं। इसलिए आइए, हम अपने देश की कमियों को देखकर निराश होने के बजाय उन्हें दूर करने का संकल्प लें। क्योंकि देश केवल सरकारों से नहीं बनते…

देश उसके नागरिकों से बनते हैं।

अगर आप भारत से दूर हैं, तो अपने दिल में भारत को जीवित रखिए।
अगर आप भारत में हैं, तो अपने कर्मों से भारत को मजबूत बनाइए।

किसी जरूरतमंद का हाथ थामना, किसी पशु-पक्षी की रक्षा करना, एक पेड़ बचाना, अपने काम में ईमानदारी बरतना, ज्ञान हासिल करना और दूसरों के अधिकारों की रक्षा करना—ये सब देशभक्ति के ही रूप हैं। देशभक्ति केवल सीमा पर खड़े सैनिक की जिम्मेदारी नहीं है। देशभक्ति उस किसान की मेहनत में भी है जो अन्न उगाता है, उस शिक्षक में भी है जो भविष्य गढ़ता है, उस डॉक्टर में भी है जो जीवन बचाता है और उस युवा में भी है जो अपने हुनर से देश को आगे ले जाना चाहता है।

आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि भारत को केवल एक देश नहीं, अपना साझा घर समझकर इसकी रक्षा करेंगे। हम ऐसा भारत बनाएँ जहाँ किसी बच्चे के सपनों पर गरीबी भारी न पड़े, जहाँ शिक्षा हर हाथ तक पहुँचे, जहाँ मेहनत को सम्मान मिले और जहाँ विकास के साथ प्रकृति की भी रक्षा हो।

ईश्वर हमारे प्यारे भारत को शांति, समृद्धि, एकता और प्रगति प्रदान करे। हमारी आने वाली पीढ़ियाँ ऐसे भारत में साँस लें जहाँ उम्मीद डर से बड़ी हो, ज्ञान अज्ञान से शक्तिशाली हो, इंसानियत नफरत से ऊँची हो और एकता हर विभाजन से मजबूत हो।

जय हिन्द!
15 अगस्त की हार्दिक शुभकामनाएँ!