
अंदलीब अख्तर | नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को आयोजित INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल विपक्षी दलों ने कांग्रेस से गठबंधन के नेतृत्व में अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील की। बैठक में सहयोगी दलों के नेताओं ने विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
करीब दो घंटे से अधिक चली इस बैठक में 25 विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक के दौरान गठबंधन की आगे की दिशा, संगठनात्मक समन्वय और राष्ट्रीय राजनीति में विपक्ष की भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अब वह देश के किसी भी हिस्से में होने वाली बैठकों में भाग लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में गरीबों के घरों पर कार्रवाई की जा रही है और भय का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया पर दबाव और डर का असर पड़ा है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस से गठबंधन के भीतर अधिक जिम्मेदारी लेने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने संकेत दिया कि विपक्ष की प्रभावी राजनीति के लिए कांग्रेस को अधिक लचीला और नेतृत्वकारी रुख अपनाने की आवश्यकता है।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का प्रभावी मुकाबला करने के लिए विपक्षी दलों की एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं से प्रमुख मुद्दों पर साझा रणनीति अपनाने और कांग्रेस के साथ मिलकर विपक्षी मोर्चे को मजबूत करने की अपील की। राहुल गांधी ने यह भरोसा भी जताया कि यदि विपक्ष एकजुट रहता है तो 2029 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को चुनौती दी जा सकती है।
बैठक के दौरान मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) के नेता जॉन ब्रिटास ने कथित तौर पर केरल कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर दिए गए कुछ बयानों पर चिंता जताई। सूत्रों के अनुसार, इस विषय पर राहुल गांधी ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में शामिल कई अन्य नेताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को गठबंधन में अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और ऐसी समन्वय बैठकों को नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए ताकि विपक्षी एकता को मजबूत बनाए रखा जा सके।
INDIA गठबंधन की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब विपक्ष आगामी राजनीतिक चुनौतियों और भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर साझा दृष्टिकोण विकसित करने की कोशिश कर रहा है।
