Last Updated on April 2, 2026 10:16 pm by INDIAN AWAAZ

अंदलीब अख्तर / नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में जारी संकट के मद्देनज़र भारत सरकार ने हालात से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विदेश मंत्रालय में खाड़ी मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर वीज़ा, कांसुलर सेवाओं और ट्रांजिट से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
महाजन ने कहा कि विशेष रूप से भारतीय छात्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। उनके शैक्षणिक कार्यक्रम प्रभावित न हों, इसके लिए स्कूलों, शिक्षा बोर्डों और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आर्थिक मोर्चे पर राहत देने के लिए सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर 30 जून तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने की घोषणा की है। हालिया पश्चिम एशिया घटनाक्रम पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के सदस्य संजय मंगल ने कहा कि यह कदम अस्थायी और लक्षित राहत के रूप में उठाया गया है, ताकि घरेलू उद्योगों के लिए आवश्यक पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की आपूर्ति बनी रहे।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्लास्टिक, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स सहित कई ऐसे उद्योगों को लाभ मिलेगा, जो पेट्रोकेमिकल उत्पादों और मध्यवर्ती कच्चे माल पर निर्भर हैं। इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने निर्यातकों के लिए भी राहत उपायों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जिन निर्यातकों के पास एडवांस ऑथराइजेशन या एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स लाइसेंस हैं, उन्हें अपनी निर्यात प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए 31 अगस्त तक तीन महीने की अतिरिक्त अवधि दी गई है। इस दौरान किसी भी लाइसेंस को समाप्त नहीं किया जाएगा और न ही कोई दंड लगाया जाएगा।
अग्रवाल ने यह भी बताया कि रोडटेप (RoDTEP) योजना के तहत निर्यातकों को मिलने वाली राहत, जिसे इस वर्ष फरवरी में 50 प्रतिशत कर दिया गया था, अब 23 मार्च से फिर 100 प्रतिशत कर दी गई है। इससे भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के तहत बासमती चावल के निर्यात के लिए पंजीकरण-सह-आवंटन प्रमाणपत्र (RCAC) की वैधता को 45 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है और इसके लिए निर्यातकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने पिछले महीने रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (RELIEF) कार्यक्रम भी शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य व्यापार की निरंतरता बनाए रखना, लागत का बोझ कम करना और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ऊर्जा क्षेत्र को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता सामान्य है और सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकार ने उत्पाद शुल्क में कमी की है, जबकि तेल विपणन कंपनियां भी कुछ बोझ स्वयं वहन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले 60 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है और देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी पूरी तरह सुनिश्चित है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक लगभग 1,200 भारतीय नागरिकों, जिनमें 845 छात्र शामिल हैं, को ईरान से सुरक्षित निकालने में मदद की गई है। उन्हें जमीनी रास्तों के जरिए आर्मेनिया और अज़रबैजान पहुंचाया गया है, जबकि कई अन्य भारतीयों को ईरान के भीतर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों के सुरक्षित आवागमन में सहयोग देने के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान की सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
