Last Updated on January 7, 2026 8:46 pm by INDIAN AWAAZ

Staff Reporter
सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन रिश्तों के नाम पर होने वाली ठगी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव से शुरू होने वाले कई ऑनलाइन संपर्क अंततः आर्थिक और मानसिक शोषण में बदल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठग पहले तारीफ और अपनापन दिखाकर भरोसा जीतते हैं, फिर धीरे-धीरे भावनात्मक संबंध बनाकर लोगों को पैसे या संवेदनशील जानकारी भेजने के लिए उकसाते हैं। ऐसे मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को आगाह किया है कि अगर कोई अजनबी बहुत जल्दी गहरे भावनात्मक रिश्ते की बात करे, किस्मत या “सोलमेट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करे, तो सावधान हो जाना चाहिए। वीडियो कॉल से बचना या आमने-सामने मिलने में लगातार टालमटोल करना भी ठगी का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि किसी अनजान व्यक्ति को कभी भी पैसे, क्रिप्टोकरेंसी या गिफ्ट कार्ड नहीं भेजने चाहिए। इसके अलावा, गंभीर बीमारी, यात्रा में फंसने, कस्टम की समस्या या “पक्के मुनाफे” वाले निवेश जैसे भावनात्मक दबाव बनाने वाले बहाने भी आम तौर पर ठगी का हिस्सा होते हैं।
अपनी ऑनलाइन सुरक्षा के लिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे संदिग्ध प्रोफाइल की तस्वीरों की जांच रिवर्स इमेज सर्च के जरिए करें ताकि यह पता चल सके कि तस्वीरें कहीं और से चुराई तो नहीं गई हैं। साथ ही, किसी के साथ व्यक्तिगत जानकारी, निजी तस्वीरें या बैंकिंग विवरण साझा करने से बचना चाहिए।
साइबर विशेषज्ञों ने अनजान लिंक पर क्लिक करने या बिना पुष्टि वाले ऐप्स डाउनलोड करने से भी सावधान किया है, खासकर उन ऐप्स से जो ट्रेडिंग, क्रिप्टो या निवेश के नाम पर प्रचार करते हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है।
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Any online connection that asks for money, creates urgency or requests secrecy is a red flag.
• Report online fraud on the National Cyber Crime portal at cybercrime.gov.in, call on the helpline number 1930 or call ICICI Bank’s helpline on 1800 2662.
• If you have received any malicious/phishing/suspicious e-mails or calls, please report these to Sanchar Saathi at sancharsaathi.gov.in
