इंदर वशिष्ठ | नई दिल्ली |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ और स्वतंत्रता दिवस 2025 के संबोधन में नागरिकों को वजन कम करने और स्वास्थ्य सुधारने की अपील से प्रेरित होकर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने जवानों और अधिकारियों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य एवं फिटनेस अभियान की शुरुआत की है।

आज इस अभियान की औपचारिक शुरुआत सीआरपीएफ के महानिदेशक जी.पी. सिंह ने फोर्स मुख्यालय स्थित हेरिटेज क्लब, नई दिल्ली में स्वयं अपना बॉडी मास इंडेक्स (BMI) रिकॉर्ड करके की। यह पहल यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है कि हर जवान और अधिकारी स्वस्थ, सक्षम और ऑपरेशनल रूप से तैयार रहे — जिससे सीआरपीएफ एक “फिट फोर्स” और “फाइटिंग फोर्स” दोनों के रूप में सशक्त बनी रहे।


दो चरणों में चलेगा बीएमआई अभियान

यह अभियान 19 अगस्त से 31 अक्टूबर 2025 तक दो चरणों में चलेगा:

  • प्रथम चरण में, सभी कर्मियों का बीएमआई मापा जाएगा, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सकीय स्टाफ की निगरानी में आंकलन किया जाएगा। जिनका बीएमआई तय मानकों से अधिक पाया जाएगा, उन्हें 3 महीनों के लिए विशेष डाइट सलाह, शारीरिक व्यायाम और प्रशिक्षण कार्यक्रम दिए जाएंगे। इसके बाद फॉलो-अप बीएमआई परीक्षण किया जाएगा।
  • द्वितीय चरण में, जिन कर्मियों का बीएमआई अभी भी निर्धारित सीमा से अधिक रहेगा, उन्हें 3 विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा जाएगा। वहां उन्हें व्यक्तिगत रूप से तय व्यायाम शेड्यूल और पोषण मार्गदर्शन के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे स्वस्थ वजन प्राप्त कर सकें।

अभियान के मुख्य उद्देश्य

  • बल के भीतर स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना
  • जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम
  • मोटापे को नियंत्रित करके ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखना

सीआरपीएफ का मानना है कि यह पहल भविष्य में एक सजग, स्वस्थ और ज्यादा प्रभावशाली फोर्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


अन्य दिशानिर्देश:

  • बीएमआई के आंकलन में मांसपेशियों और हड्डियों के घनत्व का भी ध्यान रखा जाएगा।
  • 58 वर्ष से कम आयु के सभी कर्मियों के लिए बीएमआई मापन अनिवार्य है, जबकि 58 से 60 वर्ष के बीच के कर्मी स्वैच्छिक रूप से भाग ले सकते हैं।

देश की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ की यह पहल यह दर्शाती है कि राष्ट्र की सुरक्षा में अब स्वास्थ्य और फिटनेस को भी प्रमुखता दी जा रही है — जो प्रधानमंत्री की “स्वस्थ भारत” की परिकल्पना के अनुरूप है।