चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किए जाने का लगाया आरोप

हमारे संवाददाता / नई दिल्ली
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इनके कार्यकाल में देश की चुनावी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर हमला हुआ है और चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया गया है।
मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इंडिया गठबंधन के घटक दलों की बुधवार को दिल्ली में बैठक होने वाली है, जिसमें कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव में कहा गया कि चुनाव आयोग से संबंधित हालिया घटनाक्रमों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उन चेतावनियों को सही साबित किया है, जिनमें उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को ‘वोट चोरी’ के जरिए व्यवस्थित रूप से प्रभावित किए जाने का आरोप लगाया था।
प्रस्ताव में कहा गया कि राहुल गांधी लगातार मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर, आदर्श आचार संहिता के चयनात्मक तरीके से लागू किए जाने, ईवीएम की विश्वसनीयता तथा मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में चुनाव आयोग एक ‘वन-मैन शो’ बनकर रह गया है। पार्टी ने कहा कि संविधान और देश के लोकतंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री का इस्तीफा जरूरी है।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों को लेकर सामने आई खबरों पर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस कार्यसमिति ने दावा किया कि मतदाता सूचियों से 13.30 करोड़ नाम हटाए गए हैं। पार्टी ने इसे सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के लिए गंभीर खतरा बताया और SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने तथा हटाए गए सभी नामों को मतदाता सूचियों में बहाल करने की मांग की।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की भी मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके द्वारा नियुक्त अधिकारियों ने जनता के मताधिकार को कमजोर किया है।
कांग्रेस ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बहाल होने तक वह संसद, अदालतों और सड़कों पर अपना अभियान जारी रखेगी।
