ढाका से जाकिर हुसैन

ढाका: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल समाप्त होने में अभी लगभग दो वर्ष का समय शेष था।

अपने इस्तीफे की वजह बताते हुए राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने इस संवाददाता से कहा, “मैं कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से जूझ रहा हूं। फिलहाल मैं इससे अधिक कुछ नहीं कहना चाहता।”

राष्ट्रपति के प्रेस सचिव सरवर आलम ने बताया कि राष्ट्रपति का इस्तीफा शुक्रवार शाम संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद ने स्वीकार कर लिया।

राष्ट्रपति का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब मीडिया में यह खबरें सामने आई थीं कि मई में चिकित्सा उपचार के लिए लंदन प्रवास के दौरान उन्होंने पदच्युत पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से टेलीफोन पर बातचीत की थी। शहाबुद्दीन 9 से 18 मई तक लंदन में थे, जबकि शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं।

अपने इस्तीफे में राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद से उन्होंने ईमानदारी, निष्पक्षता और संविधान के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।

उन्होंने अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने के पश्चात उत्पन्न राजनीतिक संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश संवैधानिक संकट से गुजर रहा था। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 106 के तहत सर्वोच्च न्यायालय के अपीलीय प्रभाग से परामर्श लेकर अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई, जिसने बाद में संसदीय चुनाव संपन्न कराए।

राष्ट्रपति ने अपने पत्र में कहा, “चुनाव परिणामों के आधार पर वर्तमान सरकार का गठन हुआ और वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत देश का शासन चला रही है। सत्तापक्ष और विपक्ष संसद में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। मेरी विवेकपूर्ण और ऐतिहासिक भूमिका के कारण देश में किसी प्रकार का संवैधानिक शून्य उत्पन्न नहीं हुआ।”

इस्तीफे के कारणों का विस्तार से उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं। हाल ही में उन्हें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नामक बीमारी का भी पता चला है, जिसके कारण उन्हें समय-समय पर बेहोशी आ जाती है।

उन्होंने कहा कि लगातार बिगड़ती शारीरिक और मानसिक स्थिति के कारण अब उनके लिए राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं रह गया है और उन्हें लंबे समय तक चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता है। इसी कारण उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार, नए राष्ट्रपति के निर्वाचन तक संसद अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में दायित्व निभाएंगे। वहीं, अनुच्छेद 123(2) के तहत राष्ट्रपति पद रिक्त होने के 90 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराना अनिवार्य है।

मोहम्मद शहाबुद्दीन स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे हैं। वह वर्ष 2011 से 2016 तक भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) के आयुक्त भी रहे। फरवरी 2023 में उन्हें अवामी लीग के उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध राष्ट्रपति चुना गया था और उन्होंने 24 अप्रैल 2023 को पदभार संभाला था।

अगस्त 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन सहित कई राजनीतिक दलों ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। हालांकि उस समय अंतरिम सरकार ने संवैधानिक बाध्यताओं का हवाला देते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 12 फरवरी को हुए संसदीय चुनाव में बीएनपी की जीत और नई सरकार के गठन के बाद राष्ट्रपति बदलने की चर्चा फिर तेज हुई, हालांकि मार्च में पार्टी नेताओं ने कहा था कि इस मुद्दे पर औपचारिक विचार-विमर्श नहीं हुआ है क्योंकि शहाबुद्दीन का कार्यकाल अभी शेष था। चार महीने बाद उनके इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा सामने आई।