Last Updated on October 21, 2026 6:35 pm by INDIAN AWAAZ

अरुण श्रीवास्तव

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दिग्गज शेयरों में बिकवाली के दबाव के कारण भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती कारोबार में अच्छी तेजी के बावजूद निवेशकों की मुनाफावसूली ने बाजार की बढ़त पर पानी फेर दिया। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को निचले स्तरों से कुछ राहत मिली।

बीएसई का सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 सूचकांक 77.60 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 22,811.35 अंक पर आ गया। इस तरह निफ्टी 22,850 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में 1.36 प्रतिशत और निफ्टी में 1.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार की धारणा पर सबसे अधिक दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से पड़ा। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ने की आशंका है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी चालू खाते के संतुलन और रुपये की विनिमय दर को भी प्रभावित कर सकती है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा गिरावट

बाजार में बिकवाली का दबाव केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट अपेक्षाकृत अधिक रही। निफ्टी मिडकैप 150 सूचकांक 1.39 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 में 2.26 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।

एनएसई पर कुल 2,988 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 608 शेयरों में तेजी रही और 102 शेयर अपरिवर्तित रहे। यह आंकड़ा बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत देता है।

प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस 3.27 प्रतिशत गिरकर निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा। एक्सिस बैंक में 2.10 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 0.71 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, आईटी और सीमेंट शेयरों में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं, धातु और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला।

कच्चा तेल महंगा, सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ा

कमोडिटी बाजार में दिसंबर 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड वायदा 2.16 डॉलर यानी 1.99 प्रतिशत उछलकर 110.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

भारत सरकार की 10-वर्षीय बेंचमार्क प्रतिभूति पर प्रतिफल पिछले सत्र के 7.391 प्रतिशत से बढ़कर 7.440 प्रतिशत हो गया। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये में मजबूती देखने को मिली। आंशिक रूप से परिवर्तनीय रुपया पिछले बंद स्तर 94.9125 प्रति डॉलर से मजबूत होकर 94.4375 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था।

एमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.50 प्रतिशत गिरकर 1,45,780 रुपये पर आ गया। अमेरिकी डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत बढ़कर 101.73 पर रहा, जबकि अमेरिका की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 5.125 प्रतिशत तक पहुंच गई।

वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख

यूरोपीय शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी रही। कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से निवेशकों को समर्थन मिला, हालांकि फ्रांस में राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के नतीजों से पहले सतर्कता ने तेजी को सीमित रखा।

ब्रिटेन में सितंबर के दौरान उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 3.5 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 3.1 प्रतिशत थी। यह बाजार के 3.4 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रही।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निर्यात सितंबर में सालाना आधार पर 16.7 प्रतिशत बढ़ा। यह लगातार 13वां महीना रहा, जब निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि बढ़ोतरी बाजार की उम्मीदों से कम रही। अमेरिका को जापान का निर्यात 22.9 प्रतिशत और चीन को निर्यात 8.6 प्रतिशत बढ़ा। इस दौरान जापान का व्यापार घाटा घटकर 536.6 अरब येन रह गया।

अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.02 प्रतिशत बढ़कर 52,495.88 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 0.28 प्रतिशत की तेजी रही और यह 7,712.57 अंक पर पहुंच गया। हालांकि, नैस्डैक कंपोजिट 0.02 प्रतिशत गिरकर 26,424.82 अंक पर बंद हुआ। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई में निवेश की बढ़ती लागत और उससे मिलने वाले संभावित लाभ को लेकर चिंताओं का असर प्रौद्योगिकी शेयरों पर बना रहा।

अमेरिका में सितंबर के दौरान आवास निर्माण गतिविधियों में भी कमजोरी दिखी। हाउसिंग स्टार्ट्स में मासिक आधार पर 5.2 प्रतिशत गिरावट आई, जबकि बिल्डिंग परमिट 0.2 प्रतिशत घटे। इससे अमेरिकी आवास क्षेत्र की सुस्ती को लेकर चिंताएं बढ़ीं।

मध्य पूर्व में जारी तनाव भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना रहा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वाशिंगटन द्वारा तेहरान की शर्तें स्वीकार किए जाने तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान तथा कतर के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रही। क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन मार्गों को लेकर जोखिम बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

तिमाही नतीजों से शेयरों में तेज हलचल

कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों ने भी शेयरों की चाल को प्रभावित किया। इंडिया सीमेंट्स का शेयर 15.73 प्रतिशत उछल गया। कंपनी का सितंबर तिमाही में एकल शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 340.64 प्रतिशत बढ़कर 38.82 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की शुद्ध बिक्री 2.24 प्रतिशत बढ़कर 1,142.03 करोड़ रुपये हो गई।

एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के शेयर में 10.54 प्रतिशत की तेजी आई। कंपनी का समेकित राजस्व सालाना आधार पर 12.1 प्रतिशत बढ़कर 3,040.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध आय 66.8 प्रतिशत बढ़कर 548.2 करोड़ रुपये पहुंच गई।

पिरामल फाइनेंस का शेयर 3.66 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी का समेकित कर-पश्चात मुनाफा 66.67 प्रतिशत बढ़कर 545 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय 35.16 प्रतिशत बढ़कर 1,530 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

इसके विपरीत, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज का शेयर 10.13 प्रतिशत टूट गया। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 29.98 प्रतिशत घटकर 81.48 करोड़ रुपये रहा, हालांकि परिचालन से राजस्व 36.53 प्रतिशत बढ़कर 1,057.84 करोड़ रुपये हो गया।

एसएमएल महिंद्रा का शेयर 10 प्रतिशत के निचले सर्किट पर 5,501 रुपये पर बंद हुआ। सितंबर तिमाही में कंपनी का एकल शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 44.42 प्रतिशत गिरकर 11.70 करोड़ रुपये रहा।

बजाज फाइनेंस का शेयर 3.27 प्रतिशत गिरा, हालांकि कंपनी ने दूसरी तिमाही में 28.53 प्रतिशत वृद्धि के साथ 6,266.20 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। वहीं, ट्रांसरेल लाइटिंग 2.81 प्रतिशत चढ़ी। कंपनी को 927 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले, जिससे चालू वर्ष में उसका कुल ऑर्डर इनटेक 3,356 करोड़ रुपये हो गया।

एचडी फायर प्रोटेक्ट की प्रीमियम पर शुरुआत

एचडी फायर प्रोटेक्ट का शेयर बीएसई पर 334.40 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, जो इसके 271 रुपये के निर्गम मूल्य से 23.39 प्रतिशत अधिक था। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली के कारण शेयर गिरकर 307.20 रुपये पर बंद हुआ। इसके बावजूद यह निर्गम मूल्य से 13.36 प्रतिशत ऊपर रहा। कारोबार के दौरान शेयर ने 338 रुपये का उच्चतम और 301 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ।

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मजबूत प्रतिक्रिया

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली। 21 अक्टूबर को शाम 4:45 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इश्यू को 2.99 गुना अभिदान मिला। निवेशकों ने पेशकश के लिए उपलब्ध लगभग 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 59 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।

आईपीओ 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके लिए प्रति शेयर 1,065 से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 12 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके विपरीत, पारस हेल्थकेयर के आईपीओ को इसी समय तक केवल 0.15 गुना अभिदान मिला था। कंपनी ने प्रति शेयर 660 से 693 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है और इश्यू 23 अक्टूबर को बंद होगा।

आगे बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। ऊंची ऊर्जा कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर दबाव बनाए रख सकती हैं।