Last Updated on August 18, 2026 12:33 am by INDIAN AWAAZ

AMN / रांची

झारखंड सरकार द्वारा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों ने जमकर जश्न मनाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया। यह निर्णय भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच आया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि केवल JSSC CGL परीक्षा ही नहीं, बल्कि TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के माध्यम से आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला उन परीक्षाओं पर भी लागू होगा, जिनकी चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

घोषणा के तुरंत बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे सैकड़ों छात्रों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने इसे अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों की दिशा में बड़ी सफलता माना।

TDPL से आयोजित सभी परीक्षाएं होंगी रद्द

प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सरकार ने कार्रवाई को केवल JSSC CGL तक सीमित नहीं रखा है। TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द की जाएंगी, चाहे उनकी चयन प्रक्रिया किसी भी चरण में क्यों न पहुंची हो।

मुख्यमंत्री ने JSSC CGL परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की भी घोषणा की।

TDPL के माध्यम से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की करीब 15 महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित कराई गई थीं। इनमें संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC CGL, झारखंड पात्रता परीक्षा (JET), फील्ड वर्कर भर्ती, वनरक्षक भर्ती और स्नातकोत्तर शिक्षक (PGT) भर्ती जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं।

सरकार के इस फैसले से इन परीक्षाओं में शामिल हुए या भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर असर पड़ सकता है।

परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के युवाओं और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि पहले से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन किया गया होता तो कई तरह की अनियमितताओं को रोका जा सकता था।

सोरेन ने कहा कि परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं को रोकने के लिए राज्य सरकार पहले ही कड़ा कानून बना चुकी है। अब परीक्षा व्यवस्था में और सुधार किए जाएंगे, ताकि भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जा सके।

JPSC और JSSC में सुधार के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों को लेकर अपनी सिफारिशें देगी।

2014 से हुई नियुक्तियों की भी होगी जांच

सरकार ने वर्ष 2014 से झारखंड में हुई नियुक्तियों में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने का भी फैसला किया है।

इस जांच के दायरे में छोटी-बड़ी सभी नियुक्तियां आ सकती हैं। इससे मौजूदा JSSC CGL विवाद से आगे बढ़कर राज्य में पिछले कई वर्षों के भर्ती तंत्र की व्यापक समीक्षा का रास्ता खुल गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सके।

छात्रों के आंदोलन ने बनाया दबाव

रांची में लंबे समय से चल रहा छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ व्यापक असंतोष का केंद्र बना हुआ था। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

सरकार के फैसले के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का जश्न इस बात का संकेत रहा कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

हालांकि, अब सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर उसे रद्द की गई परीक्षाओं के लिए नई और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था तैयार करनी होगी, वहीं दूसरी ओर हजारों अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में और अधिक देरी से बचाना होगा।

TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने, JSSC CGL में कथित गड़बड़ियों की जांच और 2014 से हुई नियुक्तियों की समीक्षा के फैसले के बाद झारखंड की भर्ती व्यवस्था पर निगाहें टिक गई हैं। अब उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशें और जांच की प्रक्रिया यह तय करेगी कि राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा किस तरह बहाल करती है।

JSSC की 5 बड़ी परीक्षाएं भी TDPL के जिम्मे

TDPL की भूमिका केवल JPSC तक सीमित नहीं रही. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, JSSC की भी 5 बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी एजेंसी से जुड़ी रही है.

इनमें शामिल हैं—

  1. झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (JGGLCCE)
  2. झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा
  3. झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा
  4. झारखंड वनरक्षक प्रतियोगिता परीक्षा
  5. झारखंड PGT शिक्षक नियुक्ति परीक्षा

यानी JPSC और JSSC को मिलाकर करीब 15 बड़ी परीक्षाएं TDPL की भूमिका से जुड़ी बतायी जा रही हैं.

14वीं JPSC PT से शुरू हुआ विवाद

TDPL की भूमिका को लेकर विवाद उस समय ज्यादा चर्चा में आया, जब 14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर सवाल उठे. परीक्षा की प्रक्रिया और एजेंसी की भूमिका को लेकर उठे विवाद के बाद मामले की जांच CID कर रही है.

इसके बाद TDPL द्वारा पहले करायी गयी अन्य परीक्षाएं भी सवालों के घेरे में आ गयी हैं. अभ्यर्थियों की मांग है कि केवल एक परीक्षा की जांच तक मामला सीमित न रहे, बल्कि TDPL के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच हो.