
BY Our Business Correspondent
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। दिनभर उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। पश्चिम एशिया में कूटनीतिक समाधान की बढ़ती उम्मीदों, जून तिमाही के उम्मीद से बेहतर कॉरपोरेट नतीजों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और तेल एवं गैस कंपनियों में जोरदार खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की।
हालांकि धातु, आईटी और ऑटो शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन प्रमुख सूचकांकों की तुलना में कमजोर रहा, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की खरीदारी मुख्य रूप से चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित रही।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,954.76 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी-50 11.35 अंक की बढ़त के साथ 24,636 अंक पर बंद हुआ और लगातार दूसरे दिन 24,600 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बना रहा। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 1.33 प्रतिशत तथा निफ्टी में 1.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
रिलायंस और एसबीआई बने बाजार के सबसे बड़े सहारे
गुरुवार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। कंपनी का शेयर 3.52 प्रतिशत चढ़ा। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के शेयर में 2.84 प्रतिशत तथा आईसीआईसीआई बैंक में 0.51 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों का कहना है कि बड़ी कंपनियों में मजबूत खरीदारी के कारण प्रमुख सूचकांक ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जबकि व्यापक बाजार में अभी भी निवेशकों का उत्साह सीमित दिखाई दे रहा है।
ब्रॉडर मार्केट में सीमित तेजी
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। बीएसई मिडकैप-150 सूचकांक में केवल 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई, जबकि स्मॉलकैप-250 सूचकांक 0.25 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी कमजोर रही। बीएसई पर 2,100 शेयरों में तेजी, 2,191 शेयरों में गिरावट जबकि 209 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। इससे स्पष्ट है कि बाजार की तेजी व्यापक नहीं बल्कि चुनिंदा शेयरों तक सीमित रही।
बेहतर तिमाही नतीजों से मजबूत हुआ निवेशकों का भरोसा
जून तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों ने बाजार को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर वित्तीय परिणाम घोषित किए, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
विशेष रूप से फार्मा, स्पेशलिटी केमिकल्स, विनिर्माण और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों के मजबूत नतीजों ने यह संकेत दिया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र की आय वृद्धि मजबूत बनी हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी कंपनियों के नतीजे सकारात्मक रहते हैं तो बाजार को आगे भी समर्थन मिलता रहेगा।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक निवेशकों की पसंद
सरकारी बैंकों में लगातार खरीदारी का दौर जारी है। बेहतर ऋण वृद्धि, घटते एनपीए और स्थिर ब्याज मार्जिन की उम्मीदों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ाई है।
विशेष रूप से एसबीआई में आई मजबूती ने बैंकिंग सूचकांक को सहारा दिया। निजी बैंकों में भी चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।
तेल एवं गैस शेयरों में जोरदार खरीदारी
मध्य पूर्व में संभावित शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी रही। तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम होने से ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित कई ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी दर्ज की गई।
तकनीकी दृष्टि से मजबूत बना हुआ है बाजार
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी फिलहाल मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
उनका कहना है कि 24,500 से 24,450 अंक का क्षेत्र निफ्टी के लिए निकटतम मजबूत समर्थन रहेगा। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि वैश्विक घटनाक्रमों और कॉरपोरेट नतीजों के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत
यूरोपीय बाजारों में गुरुवार को अच्छी बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सकती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर बातचीत चल रही है। प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर अधिक नियंत्रण देने की चर्चा है। यदि समझौता सफल होता है तो पिछले पांच महीनों से जारी तनाव समाप्त हो सकता है।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। पिछले कारोबारी सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित शेयरों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की।
वॉल स्ट्रीट का मिला मिला-जुला संकेत
अमेरिकी बाजारों में बुधवार को डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
डॉव जोंस 263.18 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 54,349.06 अंक पर बंद हुआ।
वहीं एसएंडपी-500 में 0.17 प्रतिशत तथा नैस्डैक कंपोजिट में 0.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एआई कंपनियों के नतीजों के बाद निवेशकों ने तकनीकी शेयरों में मुनाफावसूली की।
एआई निवेश को लेकर निवेशकों की सतर्कता
स्पेसएक्स ने सूचीबद्ध होने के बाद पहली तिमाही में राजस्व में लगभग दोगुनी वृद्धि और घाटे में कमी की जानकारी दी। इसके बावजूद कंपनी के एआई निवेश पर निवेशकों की चिंताओं के कारण शेयर में भारी गिरावट दर्ज की गई।
इसी तरह एएमडी ने एआई चिप्स की मजबूत मांग के चलते बेहतर आय का अनुमान जताया, लेकिन निवेशकों ने भविष्य की आय वृद्धि को लेकर सतर्क रुख अपनाया।
कमोडिटी और मुद्रा बाजार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड अक्टूबर डिलीवरी के लिए 0.81 प्रतिशत बढ़कर 80.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एमसीएक्स गोल्ड दिसंबर वायदा 0.80 प्रतिशत बढ़कर 1,50,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
डॉलर इंडेक्स बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.629 प्रतिशत रही।
घरेलू बॉन्ड बाजार में भारत की 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूति की यील्ड 6.772 प्रतिशत पर स्थिर रही।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूती के साथ 95.2450 के आसपास कारोबार करता रहा।
IPO बाजार में निवेशकों का उत्साह कायम
प्राथमिक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
आर्डी इंडस्ट्रीज के आईपीओ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। गुरुवार शाम तक यह निर्गम 14.16 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी का मूल्य दायरा 50 से 53 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है और निर्गम 7 अगस्त को बंद होगा।
उधर, नए सूचीबद्ध शेयरों ने भी निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया।
एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स का शेयर 425 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 46.53 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 622.75 रुपये पर बंद हुआ।
जूनिपर ग्रीन एनर्जी का शेयर 225 रुपये के निर्गम मूल्य की तुलना में 15.38 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 259.60 रुपये पर बंद हुआ।
तिमाही नतीजों के दम पर कई शेयरों में जोरदार उछाल
कॉरपोरेट नतीजों के आधार पर कई शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।
नवीन फ्लोरिन इंटरनेशनल के शेयर में 13 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई क्योंकि कंपनी का शुद्ध लाभ दोगुने से अधिक बढ़ा।
जीएमएम फॉडलर ने पहली तिमाही में 118 प्रतिशत की लाभ वृद्धि दर्ज की, जिसके बाद उसके शेयर में जोरदार उछाल आया।
न्यूलैंड लेबोरेटरीज ने शानदार राजस्व और मुनाफा दर्ज किया, जिससे उसके शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली।
कोल्टे-पाटिल डेवलपर्स ने मुंबई महानगर क्षेत्र में लगभग 6,000 करोड़ रुपये की अनुमानित विकास क्षमता वाली छह पुनर्विकास परियोजनाओं की घोषणा की, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई।
बायोकॉन और गारवेयर टेक्निकल फाइबर्स ने भी मजबूत तिमाही परिणामों के बाद निवेशकों को आकर्षित किया।
दूसरी ओर सायाजी होटल्स के कमजोर मुनाफे के कारण उसके शेयर दबाव में रहे। भारती हेक्साकॉम और कमिंस इंडिया में भी सीमित गिरावट दर्ज की गई, जबकि व्हर्लपूल ऑफ इंडिया राजस्व वृद्धि के कारण मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
आगे की दिशा
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से जून तिमाही के शेष कॉरपोरेट नतीजों, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों तथा वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी।
फिलहाल निफ्टी का 24,600 अंक के ऊपर टिके रहना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि सूचकांक 24,500-24,450 के समर्थन क्षेत्र के ऊपर बना रहता है तो निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।
