ऑटो और वित्तीय शेयरों ने संभाली कमान, आईटी और एफएमसीजी में मुनाफावसूली; ब्रॉडर मार्केट ने दिखाया दम

हमारे बिजनेस संवाददाता से

मजबूत जून तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की दोबारा खरीदारी, रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शुरुआती कमजोरी से शानदार वापसी करते हुए लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। दिनभर उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की खरीदारी अंत तक बनी रही और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।

कारोबार के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, लेकिन ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाओं और चुनिंदा ब्लूचिप कंपनियों में मजबूत खरीदारी ने बाजार को ऊपर खींच लिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणामों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही तेजी की सबसे बड़ी वजह रही।

बीएसई सेंसेक्स 166.49 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,094.64 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 66.45 अंक यानी 0.27 प्रतिशत चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी एक बार फिर 24,350 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।

लगातार तीन कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स ने 1.73 प्रतिशत और निफ्टी ने 1.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है, जिससे यह संकेत मिला कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।

तिमाही नतीजों ने बाजार को दी नई ऊर्जा

शुक्रवार की तेजी का सबसे बड़ा आधार कॉर्पोरेट आय (कॉरपोरेट अर्निंग्स) रही। जून तिमाही के दौरान कई बड़ी कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर वित्तीय नतीजे पेश किए, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में खरीदारी तेज हुई।

निफ्टी की बढ़त में बजाज फाइनेंस का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसके शेयर 8.32 प्रतिशत उछले। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा में 3.33 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.94 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इन तीनों शेयरों ने अकेले ही सूचकांकों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विश्लेषकों का कहना है कि तिमाही नतीजों से यह संकेत मिला है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत का कॉर्पोरेट क्षेत्र मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।

ब्रॉडर मार्केट में भी खरीदारी

बाजार की मजबूती केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.37 प्रतिशत और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

एनएसई पर कुल 2,067 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,252 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 116 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह आंकड़ा बताता है कि बाजार में खरीदारी का दायरा काफी व्यापक रहा।

बाजार की घबराहट को मापने वाला इंडिया VIX भी 3.29 प्रतिशत गिरकर 11.76 पर आ गया, जो निकट भविष्य में कम अस्थिरता की उम्मीद का संकेत देता है।

ऑटो और वित्तीय शेयर बने बाजार के हीरो

शुक्रवार के कारोबार में सबसे अधिक तेजी ऑटोमोबाइल और वित्तीय सेवा क्षेत्र में देखने को मिली।

महिंद्रा एंड महिंद्रा सहित कई ऑटो शेयरों में खरीदारी इस उम्मीद पर हुई कि आगामी त्योहारी सीजन में वाहन बिक्री मजबूत रह सकती है। दूसरी ओर, बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के बेहतर तिमाही नतीजों ने वित्तीय शेयरों में निवेशकों का उत्साह बढ़ाया।

इसके विपरीत आईटी, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

तकनीकी संकेत क्या कहते हैं?

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी का 24,350 के ऊपर बंद होना सकारात्मक संकेत है।

हालांकि निकट भविष्य में निफ्टी के सामने 24,367 से 24,530 के बीच मजबूत प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है तो बाजार में तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

एफआईआई की वापसी से बढ़ा भरोसा

हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की दोबारा खरीदारी ने भी बाजार को मजबूत आधार दिया है।

एफआईआई निवेश के साथ-साथ घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार खरीदारी ने बाजार को हर गिरावट पर सहारा दिया।

विश्लेषकों का कहना है कि यदि विदेशी निवेशकों का रुख सकारात्मक बना रहता है तो बाजार की तेजी को और बल मिल सकता है।

रुपया मजबूत, बॉन्ड यील्ड में हल्की बढ़त

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ।

रुपया लगभग 95.3650 प्रति डॉलर पर कारोबार करता देखा गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.5050 पर बंद हुआ था।

इस बीच भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड मामूली बढ़कर 6.818 प्रतिशत हो गई, जो पिछले सत्र में 6.811 प्रतिशत थी।

कमोडिटी बाजार में अगस्त डिलीवरी वाला एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर 0.91 प्रतिशत गिरकर 1,41,934 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

उधर, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.20 पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.673 प्रतिशत हो गई।

कच्चे तेल और पश्चिम एशिया पर नजर

ब्रेंट क्रूड में उतार-चढ़ाव जारी रहा और यह करीब 89.37 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा। हालांकि निवेशकों की चिंता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। मिस्र के दमियत्ता बंदरगाह पर गैस जहाजों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले ने स्वेज नहर के जरिए होने वाले वैश्विक ऊर्जा व्यापार को लेकर नई आशंकाएं पैदा कर दी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में फिर उछाल आ सकता है, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ेगा।

वैश्विक बाजारों से मिला सहारा

अमेरिका और यूरोप के बाजारों में मजबूत तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। यूरोपीय शेयर बाजारों में लगातार बढ़त रही, जबकि एशिया के अधिकांश बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए।

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े शेयरों में हालिया भारी गिरावट के बाद रिकॉर्ड रिकवरी देखने को मिली।

जापान के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दर 1 प्रतिशत पर स्थिर रखी, लेकिन यह भी कहा कि महंगाई 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर जा सकती है।

दूसरी ओर चीन की अर्थव्यवस्था से मिले आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई। जुलाई में चीन का आधिकारिक मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई घटकर 49.2 रह गया, जो फरवरी के बाद पहली बार विनिर्माण गतिविधियों में संकुचन का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट की शानदार तेजी

अमेरिकी बाजारों में गुरुवार रात जोरदार तेजी देखने को मिली।

एसएंडपी 500 में 1.66 प्रतिशत, नैस्डैक में 2.78 प्रतिशत और डॉव जोंस में 1.19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

इस तेजी की अगुवाई माइक्रोसॉफ्ट ने की। कंपनी के बेहतर आय अनुमान और क्लाउड कारोबार की मजबूत संभावनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। माइक्रोसॉफ्ट का बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में करीब 450 अरब डॉलर बढ़ गया।

नतीजों के दम पर चमके कई शेयर

बजाज फिनसर्व के शेयर 6.37 प्रतिशत चढ़ गए। कंपनी का शुद्ध लाभ जून तिमाही में 12.31 प्रतिशत बढ़कर 3,132.35 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि परिचालन आय 19.13 प्रतिशत बढ़कर 42,036.90 करोड़ रुपये रही।

टाटा स्टील ने भी बेहतर परिणामों के दम पर 1.64 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। कंपनी का शुद्ध लाभ 18.8 प्रतिशत बढ़कर 2,385 करोड़ रुपये हो गया, जबकि राजस्व 60,794 करोड़ रुपये रहा।

एथर इंडस्ट्रीज के शेयर 4.64 प्रतिशत चढ़े। कंपनी का शुद्ध लाभ 33.45 प्रतिशत बढ़ा।

रक्षा क्षेत्र की एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स 7.54 प्रतिशत उछल गई। कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से 2,205.23 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिला है।

ईएमएस लिमिटेड में 6.64 प्रतिशत की तेजी आई। कंपनी को दिल्ली जल बोर्ड से लगभग 158.29 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना का लेटर ऑफ इंटेंट प्राप्त हुआ।

कुछ शेयरों में मुनाफावसूली

स्विगी के शेयर 3.76 प्रतिशत फिसल गए। हालांकि कंपनी ने घाटा कम होने और आय बढ़ने की जानकारी दी थी, लेकिन पिछले चार दिनों में करीब 18 प्रतिशत की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

डेटा पैटर्न्स (इंडिया), सांघवी मूवर्स और माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के शेयर भी कमजोर तिमाही नतीजों के कारण दबाव में रहे।

63 मून्स टेक्नोलॉजीज में जोरदार उछाल

63 मून्स टेक्नोलॉजीज के शेयर 11.76 प्रतिशत चढ़ गए। मुंबई की एमपीआईडी अदालत ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (NSEL) और लेनदारों के बीच प्रस्तावित वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) के लिए संलग्न संपत्तियों को जारी करने की मंजूरी दे दी।

यह फैसला 2013 के लगभग 5,600 करोड़ रुपये के एनएसईएल भुगतान संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

IPO बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी

प्राथमिक बाजार में भी निवेशकों की सक्रियता बनी रही।

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ अंतिम दिन तक 4.91 गुना सब्सक्राइब हुआ।

एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स के आईपीओ को 11.31 गुना आवेदन मिले, जबकि जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ को केवल 0.46 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ।

आगे की राह

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा मुख्य रूप से कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

यदि निफ्टी 24,530 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है। हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम, कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उछाल और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां निकट भविष्य में बाजार की चाल तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे।

अस्वीकरण: यह रिपोर्ट 31 जुलाई 2026 को बाजार बंद होने तक उपलब्ध स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों, कंपनियों द्वारा जारी वित्तीय परिणामों और सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।