Last Updated on June 18, 2026 6:21 pm by INDIAN AWAAZ

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है

भोजपुर मुठभेड़: पुलिस के दावे और परिवार के आरोपों के बीच बढ़ा विवाद भोजपुर में पुलिस और पिस्टल से लैस युवक भरत भूषण तिवारी के बीच हुई मुठभेड़ ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। एक तरफ जहां पुलिस का दावा है कि युवक लगातार गोलियां बरसा रहा था, वहीं दूसरी तरफ परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भरत भूषण के सरेंडर (आत्मसमर्पण) करने के बाद पुलिस ने उसे गोली मारी।

AGENCIES

आरा/पटना: बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस कार्रवाई और उसके बाद हुए एनकाउंटर को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, आरोपी की मौत के बाद स्थानीय लोगों का विरोध भी तेज हो गया है।

यह मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव का है, जहां पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि भरत भूषण तिवारी के पास अवैध हथियार हैं और वह सार्वजनिक रूप से उनका प्रदर्शन करता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम गांव पहुंची थी।

हालांकि, मौके पर हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। बाद में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कथित तौर पर आरोपी पुलिसकर्मियों के सामने खुलेआम पिस्टल लहराते और उन्हें धमकाते हुए दिखाई दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की तैयारी, प्रतिक्रिया और पूरे ऑपरेशन के संचालन को लेकर सवाल उठने लगे।

मामले की प्रारंभिक जांच के बाद शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने शाहपुर थाना प्रभारी (एसएचओ) राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जांच में कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही के संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई भोजपुर एसपी राज के प्रस्ताव पर की गई।

इसके अलावा, मौके पर मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को भी विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले हालात में तैनात पुलिसकर्मी अपेक्षित सतर्कता, तैयारी और त्वरित कार्रवाई नहीं दिखा सके।

इस बीच, मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच बाद में हुई मुठभेड़ में गोलीबारी हुई। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई के दौरान तिवारी घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

हालांकि, मुठभेड़ के बाद अब पूरा मामला सार्वजनिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है।

गुरुवार को तिवारी की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बिलौटी गांव के पास आरा–बक्सर फोर लेन पर शव रखकर करीब चार घंटे तक सड़क जाम किया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

पुलिस अधिकारियों ने कई दौर की बातचीत कर प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सड़क खाली कराने और यातायात बहाल करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना सामने आई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

प्रशासन का कहना है कि लगातार समझाइश के बावजूद सड़क जाम समाप्त नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की गई। एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

अब विभागीय जांच, पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है. इस पूरे मामले पर राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर में एक चौंकाने वाला बयान दिया है.

मंत्री ने कहा कि यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. जिस युवक का एनकाउंटर हुआ, उसने सोशल मीडिया पर गलत व्यवहार किया था जो बिल्कुल सही नहीं था. लेकिन पुलिस को कार्रवाई से पहले उसका आपराधिक बैकग्राउंड चेक करना चाहिए था. अगर एनकाउंटर बहुत जरूरी भी था, तो यह पूरा एनकाउंटर होने के बजाय हाफ एनकाउंटर होना चाहिए था.

फेसबुक लाइव आकर पुलिस को दी थी चुनौती
यह वारदात भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बुधवार को हुई. मुठभेड़ से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में बिलौटी गांव का रहने वाला 30 साल का भरत तिवारी एक हाथ में लोडेड पिस्टल और दूसरे हाथ में मोबाइल लेकर फेसबुक पर लाइव था.

वह अपने घर की छत पर खड़ा होकर लगातार पुलिस को ललकार रहा था और खुलेआम हथियार लहरा रहा था. पुलिस की घेराबंदी के बीच उसने फेसबुक पर दो से तीन वीडियो लाइव ब्रॉडकास्ट किए और फिर किसी तरह घर से भागकर गांव के बाहर खेतों की तरफ निकल गया.

दोनों पैरों में लगी थीं 4 गोलियां, चलीं 15 से ज्यादा राउंड
एसपी राज ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस को खबर मिली थी कि भरत तिवारी हथियार लहराकर हवाई फायरिंग कर रहा है. इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने उसे बार-बार सरेंडर करने के लिए समझाया, लेकिन वह रुका नहीं और पुलिस पर लगातार रुक-रुक कर गोलियां चलाता रहा.