Last Updated on June 15, 2026 12:34 am by INDIAN AWAAZ

अशफाक कायमखानी। जयपुर
कायमखानी बिरादरी के पूर्वज दादा नवाब कायमखां के 607वें शहादत दिवस के अवसर पर आज राजस्थानभर में जिला, तहसील और गांव-ढाणियों के स्तर पर विभिन्न सम्मान समारोह, फातिहाखानी और दुआ-ए-मग्फिरत का भव्य आयोजन किया गया। ऐतिहासिक संदर्भ के अनुसार, राजपूत चौहान वंश के मोटेराव चौहान के पुत्र करमचंद चौहान और उनके दो भाइयों द्वारा इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उनके वंशज कायमखानी कहलाए और वे स्वयं नवाब कायमखां के नाम से मशहूर हुए। इस विशेष दिन को बिरादरी ने पूरे जोश के साथ पारंपरिक रूप से मनाया और इस अवसर पर घर-घर में खीर-चूरमा जैसे लजीज व्यंजन भी तैयार किए गए।
शहादत दिवस का मुख्य और सबसे बड़ा समारोह चूरू जिले के ददरेवा गांव में स्थित उनकी भव्य जन्मस्थली और स्मारक पर आयोजित हुआ। पूर्व मंत्री व निर्दलीय विधायक यूनुस खां की देखरेख में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कायमखानी सरदारों ने शिरकत की, जहां अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सैकड़ों प्रतिभाओं और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ददरेवा के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित कायमखानी छात्रावासों और सामाजिक संगठनों द्वारा भी कई तरह के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें मेधावी छात्रों का सम्मान करने के साथ-साथ बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर (ब्लड डोनेशन कैंप) भी लगाए गए।
राजस्थान के सीकर, झुंझुनूं, चूरू, डीडवाना, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जयपुर, जोधपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और टोंक सहित लगभग सभी प्रमुख जिलों में इस शहादत दिवस को बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। इन आयोजनों के माध्यम से कायमखानी बिरादरी ने अपने गौरवशाली शौर्य, समृद्ध परंपराओं और अटूट वतनपरस्ती को याद किया। साथ ही युवाओं ने देश सेवा के जज्बे को बरकरार रखते हुए भारतीय फौज में शामिल होने के अपने ऐतिहासिक सिलसिले को लगातार जारी रखने का मजबूत इरादा व्यक्त किया। इसी कड़ी में, राजनीतिक गलियारों की हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थक कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी जयपुर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कुल मिलाकर, राज्यभर में हुए इन आयोजनों, प्रतिभा सम्मान, रक्तदान और फातिहाखानी के जरिए कायमखानी समाज ने अपने पूर्वज की विरासत और शहादत को पूरे सम्मान के साथ नमन किया।
