
AMN / BIZ DESK
भारतीय शेयर बाजार में लगातार जारी तेजी के सिलसिले पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सख्त रुख और आगामी वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में कटौती के चलते दलाल स्ट्रीट का सेंटिमेंट बिगड़ गया। हालांकि, सरकार की ओर से जारी किए गए पिछले वित्त वर्ष के शानदार जीडीपी आंकड़ों ने बाजार को बहुत ज्यादा गिरने से बचा लिया।
वैश्विक मोर्चे पर, एशियाई बाजारों में आईटी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई भारी बिकवाली के चलते चौतरफा दबाव देखने को मिला, जिसका असर घरेलू इंडेक्स पर भी पड़ा।
मौद्रिक चिंताओं से फिसला बाजार
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 116.67 अंक यानी 0.16% की गिरावट के साथ 74,243.34 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 49.85 अंक यानी 0.21% फिसलकर, मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 23,400 के स्तर से नीचे 23,366.70 पर आ गया। दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा मुनाफावसूली देखी गई, जिसमें ट्रेंट (Trent) 2.23%, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) 0.95% और रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) 0.52% टूटकर बंद हुए।
मुख्य सूचकांकों में गिरावट के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती दिखी। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स में महज 0.10% की मामूली कमजोरी रही, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 0.01% की गिरावट के साथ लगभग सपाट बंद हुआ। बाजार का ओवरऑल रुझान नकारात्मक रहा; बीएसई पर 2,138 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 2,056 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आरबीआई का सख्त रुख
बाजार की इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजे रहे। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में समिति ने सर्वसम्मति से बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5.00% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक रेट 5.50% पर स्थिर बने हुए हैं। समिति ने अपना नीतिगत रुख भी “न्यूट्रल” (तटस्थ) बनाए रखा है।
| पॉलिसी इंस्ट्रूमेंट | वर्तमान दर |
| रेपो रेट (Repo Rate) | 5.25% |
| स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) | 5.00% |
| मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) | 5.50% |
| बैंक रेट (Bank Rate) | 5.50% |
केंद्रीय बैंक की ओर से जारी बयान में काफी सतर्कता बरती गई। गवर्नर मल्होत्रा ने रेखांकित किया कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के कारण वैश्विक विकास दर (Global Growth) के लिए जोखिम बढ़ गया है और महंगाई में उछाल आने की आशंका है। ऊर्जा बाजारों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल के घटते भंडार और कमोडिटी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए दुनिया भर के केंद्रीय बैंक कड़ी मौद्रिक नीति अपना रहे हैं।
आरबीआई ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर निजी खपत और निवेश में मजबूती से आर्थिक गतिविधियां स्थिर हैं, लेकिन बढ़ते फ्रेट (माल ढुलाई) और इंश्योरेंस खर्च के कारण सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा, कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून की आशंका ने भी चिंता बढ़ाई है, हालांकि सरकार के नीतिगत उपायों से ग्रामीण मांग को सहारा मिलने की उम्मीद है।
इन तमाम चुनौतियों को देखते हुए, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया है। तिमाही आधार पर विकास दर का अनुमान इस प्रकार है:
- तिमाही 1 (Q1): 6.6%
- तिमाही 2 (Q2): 6.3%
- तिमाही 3 (Q3): 6.5%
- तिमाही 4 (Q4): 6.8%
महंगाई के मोर्चे पर, केंद्रीय बैंक ने अल नीनो के जोखिम और ऊर्जा बाजार की अस्थिरता को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है।
शानदार जीडीपी आंकड़े बनाम बड़े वित्तीय सुधार
आरबीआई के रूढ़िवादी अनुमानों के विपरीत, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी किए गए देश के आर्थिक आंकड़े बेहद शानदार रहे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% की रफ्तार से विकास किया है, जो इसके पिछले साल (2024-25) के 7.1% से कहीं अधिक है। जनवरी-मार्च 2026 की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही, जो देश की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाती है।
इस आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने के लिए वित्त मंत्रालय ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) को आकर्षित करने के लिए बड़े नीतिगत सुधारों की घोषणा की है। 1 अप्रैल 2026 से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेंस (पूंजीगत लाभ) पर आयकर से पूरी तरह छूट दे दी गई है। यही टैक्स बेनिफिट बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) को भी दिया गया है।
इसके अलावा, सरकार ने सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स और लॉन्ग-टेनॉर बॉन्ड्स को फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत शामिल कर विदेशी निवेशकों के लिए निवेश की सीमाएं आसान कर दी हैं। साथ ही, अनिवासी भारतीयों (PROIs) के लिए भी पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत भारतीय इक्विटी में निवेश के नियमों को उदार बनाया गया है।
बॉन्ड, फॉरेक्स और वैश्विक बाजारों का हाल
विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स छूट की घोषणा का बॉन्ड मार्केट पर सकारात्मक असर पड़ा। भारत के 10 वर्षीय बेंचमार्क फेडरल पेपर की यील्ड (Yield) 0.29% घटकर 6.975% पर आ गई, जो पिछले सत्र में 6.995% थी।
विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूती के साथ 94.9375 के स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) में 0.26% की गिरावट दर्ज की गई और यह 99.19 पर कारोबार कर रहा था।
[वैश्विक कमोडिटी अपडेट]
ब्रेंट क्रूड (अगस्त 2026): $94.98 प्रति बैरल (▼ 0.05%)
एमसीएक्स गोल्ड (अगस्त 2026): रु 158,180 (▼ 0.86%)
अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो शुक्रवार को एशियाई टेक हब में भारी उथल-पुथल रही। अमेरिकी चिप दिग्गज ब्रॉडकॉम के कमजोर रेवेन्यू अनुमानों के बाद टेक शेयरों में भारी बिकवाली हुई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 6% टूट गया, जहां सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 8% से ज्यादा गिरे। इसके विपरीत, अमेरिकी बाजार में डॉव जोंस (Dow Jones) टेक सेक्टर से हटकर अन्य पारंपरिक सेक्टर्स में आए निवेश के दम पर 1.73% उछलकर 51,561.93 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
कॉरपोरेट जगत की हलचल
- टाटा स्टील (▼ 1.80%): ब्रिटेन के पोर्ट टालबोट प्लांट में बुधवार रात आग लगने और कामकाज आंशिक रूप से ठप होने की खबरों के बाद शेयर में गिरावट आई।
- एक्मे सोलर होल्डिंग्स (▲ 3.12%): कंपनी द्वारा 2,800 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा के बाद शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ।
- ब्लूस्प्रिंग एंटरप्राइजेज (▲ 11.40%): बाल्को (BALCO) के 1,740 मेगावाट पावर प्लांट के लिए एक बड़ा ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद शेयरों में जबरदस्त तेजी रही।
- आईपीओ अपडेट (IPO): प्राइमरी मार्केट में सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज (CMR Green Technologies) का आईपीओ आखिरी दिन तक 126.87 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। वहीं, हेक्सागन न्यूट्रिशन (Hexagon Nutrition) का आईपीओ अपने पहले दिन 1.61 गुना सब्सक्राइब हुआ।
