Last Updated on April 2, 2026 11:08 pm by INDIAN AWAAZ

अंदलीब अख्तर / नई दिल्ली
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की शुरुआत में वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार में बड़ी गिरावट आई, लेकिन बाद में जोरदार रिकवरी के साथ प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
BSE Sensex 185.23 अंक यानी 0.25 प्रतिशत बढ़कर 73,319.55 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 33.70 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,713.10 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी एक समय दो प्रतिशत से अधिक गिर गया था, लेकिन बाद में करीब 500 अंकों की जोरदार वापसी दर्ज की।
बाजार में शुरुआती गिरावट उस समय आई जब Donald Trump ने कहा कि अमेरिका अगले दो से तीन सप्ताह में ईरान के खिलाफ कड़ा कदम उठा सकता है। इस बयान से वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ गई और Brent Crude की कीमत लगभग 5.8 प्रतिशत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। निवेशकों को खास तौर पर Strait of Hormuz के जरिए तेल आपूर्ति में संभावित बाधा की आशंका सताने लगी।
आईटी सेक्टर में तेजी
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आईटी सेक्टर बाजार में सबसे बड़ा गेनर रहा। आईटी इंडेक्स में 2.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निर्यात आधारित टेक कंपनियों में खरीदारी के कारण इस सेक्टर को समर्थन मिला।
हालांकि अधिकांश अन्य सेक्टर दबाव में रहे। ऑटो, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में लगभग एक प्रतिशत तक गिरावट देखी गई।
बैंकिंग सेक्टर का प्रमुख सूचकांक Nifty Bank मामूली बढ़त के साथ 51,548.75 पर बंद हुआ, जो लगभग 0.19 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में दबाव
व्यापक बाजारों का प्रदर्शन मुख्य सूचकांकों से कमजोर रहा। SBI Securities के अनुसार, BSE Midcap 150 में सप्ताह के दौरान 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि BSE Smallcap 250 में 0.8 प्रतिशत की बढ़त रही।
कुल मिलाकर सप्ताह के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी क्रमशः 0.4 प्रतिशत और 0.5 प्रतिशत कमजोर रहे।
रुपये में जोरदार उछाल
विदेशी मुद्रा बाजार में Indian Rupee ने शानदार वापसी की और पिछले 12 वर्षों में एक दिन की सबसे बड़ी मजबूती दर्ज की। रुपया हाल के ₹95 प्रति डॉलर के स्तर से सुधरकर लगभग ₹93.15 के आसपास पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से Reserve Bank of India द्वारा उठाए गए नियामकीय कदमों के कारण आई। आरबीआई ने बैंकों की ओपन पोजिशन पर सीमा तय की और कॉरपोरेट्स के लिए नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) ऑफरिंग पर रोक लगाई, जिससे डॉलर की पोजिशन में बड़े पैमाने पर कटौती हुई।
सोने की कीमतों में गिरावट
रुपये की मजबूती का असर कीमती धातुओं पर भी पड़ा। घरेलू बाजार में Gold की कीमत लगभग ₹5,000 गिरकर 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी COMEX पर सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर नजर डालें तो विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही। आंकड़ों के अनुसार मार्च 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने करीब ₹1.22 लाख करोड़ की बिकवाली की, जो अब तक का एक रिकॉर्ड स्तर है।
इस बीच बाजार की अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक India VIX 2.04 प्रतिशत बढ़कर 25.52 पर पहुंच गया, जो निवेशकों में बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है।
आगे का रुख अनिश्चित
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। Motilal Oswal Financial Services के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
वहीं वैश्विक निवेश बैंक Nomura ने भारतीय शेयर बाजार को “न्यूट्रल” श्रेणी में डाउनग्रेड करते हुए निफ्टी का वर्षांत लक्ष्य घटाकर 24,500 कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि Good Friday के बाद बाजार खुलने पर सप्ताहांत में होने वाले भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
