Last Updated on March 5, 2026 4:53 pm by INDIAN AWAAZ

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पटना: बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि लगभग दो दशक तक राज्य की कमान संभालने के बाद वे अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उनके इस कदम के बाद बिहार की सत्ता में संभावित बदलाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
इस राजनीतिक घटनाक्रम को उस समय और भी महत्व मिल गया जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah अचानक पटना पहुंचे और नीतीश कुमार के साथ विस्तृत बैठक की। इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता Nitin Nabin भी मौजूद थे। सबसे ज्यादा चर्चा उस समय की हुई जब तीनों नेता एक ही गाड़ी में सवार होकर बिहार विधानसभा पहुंचे। इसे एनडीए के भीतर मजबूत तालमेल और रणनीतिक समन्वय के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में केवल राज्यसभा चुनाव की रणनीति ही नहीं, बल्कि यह भी चर्चा हुई कि यदि नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में जाते हैं तो बिहार की कमान किसे सौंपी जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस स्तर की बैठकों से यह संकेत मिलता है कि एनडीए गठबंधन राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
नीतीश कुमार के अलावा एनडीए के कुछ अन्य नेताओं ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इनमें Nitin Nabin, Ramnath Thakur, Shivesh Kumar Ram और Upendra Kushwaha शामिल हैं। नामांकन के दौरान विधानसभा परिसर में एनडीए की एकजुटता साफ दिखाई दी। इस मौके पर अमित शाह ने उम्मीदवारों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है। वह लगभग 20 वर्षों से अलग-अलग कार्यकालों में बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
फिलहाल इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से अमित शाह इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय नजर आ रहे हैं, उससे यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

