Last Updated on February 24, 2026 4:03 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / NEWS DESK

चतरा/रांची: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड स्थित कसारी जंगल में सोमवार रात दर्दनाक विमान हादसा हो गया। तेज बारिश और अंधेरे के बीच करीब 8:40 बजे जोरदार धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के बीच अचानक आसमान से विस्फोट जैसी आवाज आई और कुछ ही देर में जंगल के भीतर से आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। आशंका होने पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य भयावह था—एक विमान पूरी तरह ध्वस्त पड़ा था, मलबे से धुआं और आग निकल रही थी।

मलबे में मिला अधजला शव, दहल उठे ग्रामीण

जंगल के अंदर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि विमान के टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे हुए हैं। मलबे के बीच एक महिला का अधजला शव भी दिखाई दिया। इस दृश्य ने सभी को स्तब्ध कर दिया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और किसी को भी मलबे के पास जाने से रोक दिया।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ी थी एयर एंबुलेंस

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, यह विमान रेड बर्ड कंपनी की एयर एंबुलेंस सी-90 थी, जो रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। शाम करीब सात बजे उड़ान भरने के बाद लगभग आधे घंटे में एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। अंतिम बार सिग्नल पलामू-गढ़वा क्षेत्र के आसपास मिला था। इसके बाद विमान का कोई संपर्क नहीं हो सका।

सात लोगों की मौत की आशंका

विमान में कुल सात लोग सवार थे—पायलट कैप्टन विवेक विकास भगत, को-पायलट कैप्टन समरजीत सिंह, डॉ. विकास गुप्ता, मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, ध्रुव कुमार और पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सभी सातों की मौत हो गई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद की जाएगी।

65% झुलसे मरीज को ले जाया जा रहा था दिल्ली

लातेहार जिले के चंदवा निवासी 41 वर्षीय संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। वे आगजनी की घटना में 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे और रांची के एक निजी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थे। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने उन्हें एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजने का निर्णय लिया था।

खराब मौसम बना संभावित कारण

हादसे के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि तेज बारिश, खराब मौसम और हवा को संभावित वजह माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और तकनीकी जांच के बाद ही दुर्घटना के कारणों का खुलासा हो सकेगा। रातभर बारिश के बीच राहत कार्य जारी रहा, जबकि पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।