Last Updated on February 24, 2026 3:57 pm by INDIAN AWAAZ
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राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी) के दूसरे चरण के तहत सरकार की परिसंपत्ति मुद्रीकरण पहल से अगले 5 से 10 वर्षों में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 40 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है। नीति आयोग की रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि परिसंपत्ति मुद्रीकरण मौजूदा सार्वजनिक परिसंपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल कर प्राप्त राशि का पुनर्निवेश नई अवसंरचना परियोजनाओं में करके आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, एनएमपी के दूसरे चरण के तहत वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 की अवधि के दौरान परिसंपत्ति मुद्रीकरण से केंद्र सरकार को लगभग 4 लाख 60 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। नीति आयोग ने यह भी कहा कि एनएमपी के इस चरण का लक्ष्य पांच वर्ष की अवधि में 12 क्षेत्रों में परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के माध्यम से 16 लाख 72 हजार करोड़ रुपये जुटाना है। इस लक्ष्य में निजी क्षेत्र का 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि एनएमपी के दूसरे चरण में परिसंपत्ति मुद्रीकरण से बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और उच्च पूंजी निवेश तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग संभव बनाकर देश की दीर्घकालिक आर्थिक विकास संभावनाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
