Last Updated on February 6, 2026 4:48 pm by INDIAN AWAAZ

जाकिर हुसैन, ढाका से

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के 17 या 18 फरवरी तक निर्वाचित सरकार को सत्ता हस्तांतरित करने की संभावना है। यह जानकारी गुरुवार को मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने दी।

आलम ने ढाका स्थित फॉरेन सर्विस एकेडमी में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सत्ता का हस्तांतरण जितनी जल्दी संभव हो, किया जाएगा। यदि संसद सदस्यों को तीन दिनों के भीतर शपथ दिला दी जाती है, तो बहुमत दल के नेता को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह प्रक्रिया 15 या 16 फरवरी तक हो सकती है और मुझे नहीं लगता कि इसमें 17 या 18 फरवरी से आगे देरी होगी।”

बांग्लादेश में 13वां राष्ट्रीय संसदीय चुनाव 12 फरवरी को निर्धारित है। इसी दिन जुलाई राष्ट्रीय चार्टर (July National Charter) के क्रियान्वयन को लेकर एक जनमत संग्रह (रेफरेंडम) भी आयोजित किया जाएगा।

इस बीच, सलाहकार परिषद (Council of Advisers) ने निर्णय लिया है कि पवित्र माह रमजान के दौरान सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्त और अर्ध-स्वायत्त कार्यालयों का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान जुहर (Zohr) की नमाज के लिए दोपहर 1 बजे से 1:15 बजे तक 15 मिनट का अवकाश दिया जाएगा।

इस्लामिक फाउंडेशन के अनुसार, चांद दिखने के आधार पर रमजान 19 फरवरी से शुरू होने की संभावना है।

प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बताया कि अगस्त 2024 में पद संभालने के बाद से अंतरिम सरकार ने 526 निर्णय लिए और 116 अध्यादेश जारी किए हैं। इनमें से 439 निर्णयों को पहले ही लागू किया जा चुका है, जिससे सरकार की कार्यान्वयन दर 83.46 प्रतिशत रही है।

उन्होंने कहा कि 8 अगस्त 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच मुख्य सलाहकार प्रो. यूनुस की अध्यक्षता में सलाहकार परिषद की 68 साप्ताहिक बैठकें आयोजित हुईं। जारी किए गए 116 अध्यादेशों में से 16 अभी प्रक्रियाधीन हैं, जिनमें से तीन को नीतिगत स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है।

अंतरिम सरकार ने इस अवधि में 30 नीतिगत दस्तावेजों पर भी काम किया है, जिनमें नीतियां, दिशा-निर्देश, रणनीतियां और कार्ययोजनाएं शामिल हैं। इनमें से 16 पर हस्ताक्षर या अनुमोदन हो चुका है, जबकि 14 पर कार्यान्वयन जारी है। इसके अतिरिक्त, इस दौरान 14 द्विपक्षीय समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

आलम ने दावा किया कि पिछली सरकारों की तुलना में मौजूदा सरकार की कार्यान्वयन दर “असाधारण रूप से अधिक” रही है। उन्होंने कहा कि कई अध्यादेशों में व्यापक सुधार शामिल हैं, जिनका आम लोगों के जीवन पर “दूरगामी और परिवर्तनकारी प्रभाव” पड़ेगा।