Last Updated on January 30, 2026 2:39 pm by INDIAN AWAAZ
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केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा है कि विंग्स इंडिया 2026 शिखर सम्मेलन में देश के विमानन भविष्य के लिए एक साहसिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया। हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर आयोजित इस सम्मेलन को कल संबोधित करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत की महत्वाकांक्षा विमानन सेवाओं के प्राथमिक उपभोक्ता होने से कहीं आगे बढ़ चुकी हैं।
श्री नायडू ने भारत को विमान डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण और रखरखाव के लिए एक व्यापक केंद्र में बदलने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की घोषणा की, जिससे लंबे समय से चली आ रही औद्योगिक बाधा का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध विमानन क्षेत्र के लिए अलग-थलग प्रयासों के बजाय एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता है।
श्री नायडू ने बताया कि उड़ान योजना के माध्यम से लगभग 100 हवाई अड्डों को चालू किया गया है, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ हुआ है। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि ‘खरीददार’ से ‘निर्माता’ बनने की दिशा में बदलाव की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने हैदराबाद में स्थापित एयरोस्पेस का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रोत्साहन से निवेशक आकर्षित होते हैं, वहीं क्षेत्र की उच्च उत्पादकता और इंजन मरम्मत से लेकर ड्रोन प्रौद्योगिकी तक फैली सुविधाओं का विस्तार से दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित होता है।
