Last Updated on January 12, 2026 5:32 pm by INDIAN AWAAZ

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सोमवार को भारत और जर्मनी ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज ने भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि चांसलर मेर्ज सोमवार सुबह अहमदाबाद पहुंचे, जहां गुजरात के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया। उनके साथ एक उच्चस्तरीय आधिकारिक और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी है, जो व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर दोनों देशों के मजबूत फोकस को दर्शाता है।
मिस्री ने कहा कि यह यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है, जब भारत–जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
वार्ता का एक प्रमुख परिणाम शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिए एक व्यापक रोडमैप को अंतिम रूप देना रहा। बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उच्च शिक्षा पर यह रोडमैप अकादमिक सहयोग को नई दिशा देगा। उन्होंने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर स्थापित करने का भी आमंत्रण दिया।
संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा के लिए चांसलर मेर्ज का आभार जताया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच जन-जन के संपर्क और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मेर्ज ने अहमदाबाद में भारत–जर्मनी सीईओ फोरम को भी संबोधित किया, जहां दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार पहली बार 50 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है और भारत में 2,000 से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से सक्रिय हैं।
तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा में बढ़ते सहयोग को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी ने ज्ञान साझा करने, नवाचार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत–जर्मनी उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसका विशेष फोकस नवीकरणीय ऊर्जा पर होगा।
दोनों नेताओं की मौजूदगी में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई, जिसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री शामिल रहे।
दो दिवसीय इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक, रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और सतत विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है, जिससे भारत–जर्मनी के दीर्घकालिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी।
