Last Updated on January 1, 2026 9:34 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
नए साल 2026 के पहले कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक लगभग सपाट बंद हुए। निफ्टी 50 मामूली बढ़त के साथ 16.95 अंक या 0.06 प्रतिशत चढ़कर 26,146.55 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स 32 अंक या 0.04 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 85,188.60 पर आ गया। पूरे सत्र में सेक्टरों के प्रदर्शन में तीखा अंतर देखने को मिला, जहां ऑटो शेयरों में मजबूती रही, वहीं एफएमसीजी सेक्टर में भारी बिकवाली दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान निफ्टी की चाल बेहद सीमित दायरे में रही और यह सितंबर 2025 के बाद सबसे संकीर्ण इंट्रा-डे रेंज रही। निफ्टी महज 84 अंकों के दायरे में घूमता रहा। वैश्विक बाजारों में छुट्टियों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के चलते कारोबार में सुस्ती बनी रही। बीएसई पर बाजार की चौड़ाई लगभग संतुलित रही, जहां 2,211 शेयरों में तेजी और 1,952 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कुल 144 शेयरों ने 52-सप्ताह का उच्च स्तर छुआ, जबकि 87 शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचे।
एफएमसीजी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के बाद आईटीसी के शेयर करीब 10 प्रतिशत टूट गए और यह सत्र का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला स्टॉक रहा। इसके अलावा टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बजाज फाइनेंस और ओएनजीसी जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
इसके उलट ऑटोमोबाइल सेक्टर बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। दिसंबर महीने की मजबूत बिक्री के आंकड़ों के चलते इस सेक्टर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप शेयरों में बढ़त रही, जबकि स्मॉलकैप लगभग सपाट बंद हुए।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह सत्र दायरे में सिमटा रहा और चुनिंदा सेक्टरों में ही खरीदारी देखने को मिली। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 26,200–26,240 का स्तर एक अहम रुकावट बना हुआ है।
आगे चलकर निवेशकों की नजर तीसरी तिमाही के नतीजों, केंद्रीय बजट से जुड़ी उम्मीदों और वैश्विक संकेतों पर रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
ऑटोमोबाइल:
दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन; मजबूत दिसंबर बिक्री के दम पर इंडेक्स में 1% से ज्यादा तेजी। बजाज ऑटो और आयशर मोटर्स प्रमुख गेनर रहे।
एफएमसीजी:
सबसे कमजोर सेक्टर; सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी के बाद इंडेक्स में 3% से अधिक की गिरावट। आईटीसी में भारी बिकवाली।
आईटी:
वैल्यू बाइंग के चलते हल्की मजबूती, चुनिंदा शेयरों में खरीदारी।
बैंकिंग व वित्तीय सेवाएं:
निफ्टी बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद, स्थिरता दिखाई।
ऊर्जा व पीएसयू:
मिला-जुला रुख; ओएनजीसी जैसे शेयरों में हल्की गिरावट।
वृहद बाजार:
मिडकैप ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि स्मॉलकैप लगभग सपाट रहे, जिससे चयनात्मक जोखिम लेने का संकेत मिला।
