Last Updated on September 14, 2025 9:52 pm by INDIAN AWAAZ

दोहा, क़तर:
क़तर कल (सोमवार) एक आपातकालीन अरब-इस्लामिक शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा। यह बैठक क्षेत्र की हालिया परिस्थितियों और विशेषकर इज़राइल के उस हमले के जवाब में बुलाई गई है, जिसमें दोहा स्थित हमास नेताओं के आवासीय मुख्यालय को निशाना बनाया गया था।
शिखर सम्मेलन से पहले अरब और इस्लामिक विदेश मंत्रियों की तैयारी बैठक हुई, जिसमें एक मसौदा प्रस्ताव तैयार किया गया। इसमें कहा गया कि: “यह हमला न केवल क़तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय सिद्धांतों और राजनयिक मानकों पर सीधा आघात है।”
बैठक में यह भी कहा गया कि इज़राइल ने उस समय यह हमला किया जब दोहा में आधिकारिक और सार्वजनिक वार्ताएँ चल रही थीं, जिनका उद्देश्य ग़ज़ा में युद्धविराम सुनिश्चित करना था। “मध्यस्थता की कोशिशों को मान्यता देने के बजाय, इज़राइल ने वार्ता दल के आवासीय मुख्यालय पर हमला कर दिया। यह कदम शांति प्रयासों को नष्ट करने और युद्ध के विकल्पों को बढ़ावा देने जैसा है।”
विदेश मंत्रियों ने कहा कि “यह हमला केवल एक इमारत को नहीं, बल्कि खुद कूटनीति और वार्ता की अवधारणा को निशाना बनाता है। इज़राइल का यह दुस्साहस अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी और उसकी जवाबदेही की कमी से और बढ़ा है।”
घोषणा पत्र में चेतावनी दी गई कि इज़राइल की यह ‘राज्य आतंकवाद’ जैसी कार्रवाई न केवल तनाव कम करने की प्रक्रिया को विफल करेगी, बल्कि यह दिखाती है कि इज़राइल फ़िलिस्तीनी प्रश्न के शांतिपूर्ण समाधान का पूरी तरह विरोधी है।
क़तर ने यह भी दोहराया कि फ़िलिस्तीनी जनता पर जारी नरसंहार और जबरन विस्थापन की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी। देश ने यह संकल्प लिया कि वह मिस्र और अमेरिका के साथ मिलकर युद्धविराम के लिए प्रयास जारी रखेगा।
अंत में यह भी कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा इज़राइली हमले की निंदा और क़तर के साथ एकजुटता स्वागत योग्य है।
