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भारत की जी-20 अध्‍यक्षता के अंतर्गत दो दिन का साइंस-20 सम्‍मेलन आज से त्रिपुरा में अगरतला के हपानिया अंतर्राष्‍ट्रीय मेला मैदान में शुरू हो गया है। जी-20 की बैठकों के एक भाग के रूप में “हरित भविष्‍य के लिए स्‍वच्‍छ ऊर्जा” विषय पर हो रहे इस विज्ञान सम्‍मेलन में साठ से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहाकार अजय सूद ने इस अवसर पर अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि विश्‍व को अप्रत्‍याशित मुद्दों का सामना करना पडा है और भविष्‍य को सुरक्षित करने के लिए उन पर तत्‍काल कार्रवाई किए जाने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने कहा कि इन मुद्दों को आगे के लिए लंबित नहीं रखा सकता है। श्री सूद ने कहा कि सम्‍मेलन में तीन उप विषयों पर चर्चा होगी जिनमें से पहला हरित हाइड्रोजन से संबंधित है। यह विषय विश्‍व भर के देशों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। उन्‍होंने यह भी कहा कि जिस तरह महासागर पर आधारित प्रौदयोगिकी मानव को ज्‍वारीय लहरों से बडी मात्रा में ऊर्जा पैदा करने और नई पीढी के ऊर्जा भंडारण में मदद कर सकती है, इससे पता चलता है कि हमें इस दिशा में लिथियम इलेक्‍ट्रो रसायन के उपयोग से आगे सोचना होगा।

अध्‍यक्षीय संबोधन के दौरान भारत की ओर से प्रधानमंत्री के उस बयान का उल्‍लेख किया गया जिसमें उन्‍होंने कहा था कि नवाचार केवल जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ही महत्‍वपूर्ण नहीं है बल्कि जलवायु से संबंधित मामलों के न्‍यायोचित समाधान के लिए भी आवश्‍यक है।