Last Updated on September 11, 2026 8:31 pm by INDIAN AWAAZ

AMN/ WEB DESK

नई दिल्ली के भारत मंडपम में कल आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए मंच पूरी तरह से तैयार है। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और अबू धाबी के युवराज शेख खालेद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान सहित विश्व के नेताओं की मेजबानी करेंगे। ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता 2026 का विषय है लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण।

शिखर सम्मेलन का शुभारंभ कल ब्रिक्स सदस्य देशों की बैठक से होगा, जिसका विषय है- वैश्‍विक संस्‍थाओं को अधिक समावेशी बनाना और बहुपक्षवाद को मजबूत करना। ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेता भारत मंडपम में भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। वे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित भव्य रात्रिभोज होगा। प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। श्री मोदी रविवार को ब्रिक्स सहयोगी देशों के नेताओं और आमंत्रित प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे। सभी नेता लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य का निर्माण विषय पर एक सत्र में भाग लेंगे।

सभी की निगाहें नई दिल्ली पर टिकी हैं। क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी विश्व नेताओं के एक समूह की मेजबानी करने के लिए तैयार है। शिखर सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय राजधानी का गर्म मौसम आज दोपहर शहर के कई हिस्सों में हुई बारिश से सुहावना हो गया। भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था आर्थिक विखंडन, तकनीकी व्यवधान और भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सामना कर रही है। जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर दबाव से जटिलताएं और बढ़ रही हैं। इन परस्पर जुड़ी चुनौतियों के लिए समावेशी, व्यावहारिक और विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप सहयोग की आवश्यकता है। भारत की अध्यक्षता विभिन्न सदस्यों के बीच आम सहमति बनाने के साथ-साथ मौजूदा तंत्रों की प्रभावशीलता को मजबूत करने का प्रयास करती है। भारत का उद्देश्य ब्रिक्स को अधिक समावेशी वैश्विक व्यवस्था के लिए एक रचनात्मक शक्ति के रूप में सुदृढ़ करना है।