Last Updated on January 9, 2026 1:17 am by INDIAN AWAAZ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत को ‘मेड इन इंडिया’ और ‘मेड फॉर द वर्ल्ड’ की भावना को दर्शाते हुए विश्व के सामने एक अनूठा एआई मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा गोपनीयता सिद्धांतों पर आधारित भारतीय एआई मॉडल विकसित करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में भारतीय एआई स्टार्टअप्स के साथ एक सम्मेलन की अध्यक्षता की। अगले महीने देश में आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले, एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए अर्हता प्राप्त करने वाले 12 भारतीय एआई स्टार्टअप्स ने इस सम्मेलन में भाग लिया। बैठक के दौरान, उन्होंने अपने विचार और कार्ययोजना प्रस्तुत की। ये स्टार्टअप्स भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल, ई-कॉमर्स, मार्केटिंग और व्यक्तिगत सामग्री निर्माण के लिए जनरेटिव एआई का उपयोग करके 3डी सामग्री, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, स्वास्थ्य निदान और चिकित्सा अनुसंधान आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने समाज में परिवर्तन लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा, जिसके माध्यम से देश प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि स्टार्टअप और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं और देश में नवाचार और बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन की अपार क्षमता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश वैश्विक स्तर पर किफायती एआई, समावेशी एआई और मितव्ययी नवाचार को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारतीय एआई मॉडल विशिष्ट होने चाहिए और स्थानीय और स्वदेशी सामग्री तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए।
एआई स्टार्टअप्स ने देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पारिस्थितिकी तंत्र को आगे बढ़ाने के लिए देश की मजबूत प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने एआई क्षेत्र की तीव्र वृद्धि और विशाल भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख किया। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।
