Last Updated on March 20, 2026 1:19 am by INDIAN AWAAZ


R. Suryamurthy


भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑनबोर्ड कैटरिंग स्टाफ के लिए QR कोड आधारित पहचान पत्र और ट्रेनों में मिलने वाले भोजन पैकेट पर डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली लागू की है। इसका उद्देश्य अवैध वेंडिंग पर रोक लगाना और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

रेल मंत्रालय के इस नए नियम के तहत अब सभी वेंडर, हेल्पर और कैटरिंग स्टाफ को QR कोड युक्त आईडी कार्ड रखना अनिवार्य होगा। इस कोड को स्कैन कर यात्री और अधिकारी स्टाफ की पहचान की पुष्टि कर सकेंगे। इसमें वेंडर का नाम, आधार नंबर, मेडिकल फिटनेस और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी जानकारी उपलब्ध होगी।


फूड पैकेट भी होंगे ट्रैक योग्य

अब ट्रेनों में मिलने वाले भोजन पैकेट पर भी QR कोड होगा, जिसमें यह जानकारी होगी:

  • खाना किस किचन से आया
  • कब तैयार किया गया

इससे कैटरिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी शिकायत की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।


अवैध वेंडिंग पर सख्ती

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के वेंडिंग करना रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 144 के तहत दंडनीय अपराध है।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य प्रवर्तन टीमें नियमित जांच और विशेष अभियान चलाकर ऐसे अवैध वेंडरों पर कार्रवाई कर रही हैं।


कैटरिंग सिस्टम में बड़ा सुधार

ये तकनीकी बदलाव भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) द्वारा किए जा रहे व्यापक सुधारों का हिस्सा हैं।

  • भोजन अब निर्धारित बेस किचन से ही तैयार होकर भेजा जा रहा है
  • प्रमुख स्थानों पर आधुनिक किचन स्थापित किए गए हैं
  • किचन में CCTV कैमरों से निगरानी
  • ब्रांडेड कच्चे माल (तेल, अनाज, डेयरी उत्पाद) का उपयोग अनिवार्य

निगरानी और गुणवत्ता पर जोर

  • बेस किचन में फूड सेफ्टी सुपरवाइजर तैनात
  • ट्रेनों में IRCTC सुपरवाइजर सेवा की निगरानी करेंगे
  • नियमित सफाई, कीट नियंत्रण और फूड सैंपलिंग की व्यवस्था

FSSAI सर्टिफिकेशन अनिवार्य

सभी कैटरिंग यूनिट्स के लिए अब भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) से प्रमाणन जरूरी कर दिया गया है।

इसके अलावा:

  • थर्ड पार्टी ऑडिट
  • कस्टमर संतुष्टि सर्वे
  • फूड सेफ्टी अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण

भी किए जा रहे हैं।


रेल मंत्री का बयान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि सरकार का लक्ष्य लाखों यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और प्रमाणित भोजन उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि स्टाफ प्रशिक्षण कार्यक्रम—जिसमें स्वच्छता, व्यवहार और ग्राहक सेवा पर ध्यान दिया जाता है—से व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है।


QR कोड तकनीक के जरिए भारतीय रेलवे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। इससे न केवल अवैध वेंडिंग पर रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन भी सुनिश्चित हो सकेगा।