Last Updated on February 7, 2023 1:53 pm by INDIAN AWAAZ
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सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने मंत्रालयों को आदेश दिया है कि वे कोविड-19 महामारी के दौरान उनके प्रदर्शन और बोलियों से संबंधित जमानत तथा नुकसान के लिए जब्त की गई हर्जाने की रकम वापस करें। वित्त मंत्रालय की ओर से यह आदेश वित्त मंत्री के बजट भाषण 2023-24 में विवाद से विश्वास-1 योजना की घोषणा के बाद जारी किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने अपने भाषण में कहा था कि कोविड महामारी की अवधि में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों की ओर से लिए गए ठेकों के काम पूरा करने में नाकाम रहने पर बोलियों या उनके प्रदर्शन से संबंधित जमानत के रूप में जब्त की गई 95 प्रतिशत रकम उन्हें लौटा दी जाएगी। उन्होंने कहा था कि इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि महामारी के कारण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर व्यापक स्तर पर विपरीत असर पड़ा क्योंकि उन्हें बहुत सी परेशानियों को सामना करना पड़ा। मंत्रालय ने कहा है कि 19 फरवरी 2020 और 31 मार्च 2022 के बीच खोली गई निविदाओं के लिए यदि जमानत की रकम जब्त की गई तो उसे वापस कर दिया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि लौटाई गई रकम पर ब्याज नहीं दिया जाएगा।
