
भोपाल। राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने घोषणा की है कि वे बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से राम नगरी अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे। इस यात्रा की शुरुआत 2 अक्टूबर, 2026 को उज्जैन से होगी।
शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने अपने भोपाल स्थित आवास के बाहर “चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित” लिखे पोस्टर भी लगवाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी कर विश्व हिंदू परिषद और RSS से जुड़े लोगों ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ कुठाराघात किया है। इसी के विरोध में उन्होंने उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने का ऐलान किया है।
दिग्विजय सिंह ने कहा, “राम मंदिर निर्माण के लिए दो बार चंदा लिया गया। भगवान श्रीराम के प्रति अपार श्रद्धा और आस्था होने के कारण हम जैसे करोड़ों रामभक्तों ने दोनों बार चंदा दिया। लेकिन जो शिकायतें सामने आ रही हैं, वे सभी के सामने हैं। प्रतिदिन आने वाले चढ़ावे में 10 से 20 प्रतिशत तक की चोरी हो रही थी। इसलिए मैंने फैसला लिया है कि मैं अदालत में दावा पेश करूंगा कि मैंने जो चंदा दिया था, वह मुझे वापस किया जाए। उसके बाद वह राशि रामालय ट्रस्ट को दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा, “जिस प्रकार अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद और RSS के संगठनों ने चंदे की चोरी की है, उसी तरह उज्जैन में भी चोरी हो रही है। महाकाल मंदिर के पास की एक भूमि सुंदरलाल पटवा सरकार ने RSS के एक ट्रस्ट को दी थी। वहां पहले रेस्ट हाउस बनाया गया, लेकिन अब सरस्वती शिशु मंदिर को तोड़कर 100 कमरों का होटल बनाया जा रहा है। वहां ठहरने वालों को VIP दर्शन कराए जाते हैं और इसके लिए पैसे वसूले जाते हैं। इसीलिए वे उज्जैन तीर्थ क्षेत्र और राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र में जमीन घोटाले और चंदा चोरी व चढ़ावे चोरी के खिलाफ 2 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा शुरू करेंगे।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। इस यात्रा में वे सभी लोग शामिल हो सकेंगे, जिनकी भगवान श्रीराम में आस्था है और जिन्होंने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान वे सोशल मीडिया का भी उपयोग नहीं करेंगे।
