Last Updated on January 29, 2026 8:38 pm by INDIAN AWAAZ
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मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण शुरू होने के बाद से देश में रोज़गार की स्थिति में सुधार हुआ है। आज नई दिल्ली में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री नागेश्वरन ने कहा कि बेरोज़गारी दर तब के छह प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 3.2 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि महिला श्रम बल भागीदारी में लगभग 18 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई है। श्री नागेश्वरन ने कहा कि वर्ष के पहले नौ महीनों में बेरोज़गारी दर लगातार 5.4 प्रतिशत से घटकर पिछली तिमाही में 4.9 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ खड़ी है।
श्री नागेश्वरन ने कहा कि अगर हम पिछले कुछ वर्षों को कोरोना काल से पहले के औसत की तुलना में देखें, तो कोरोना से पहले वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि 6.4 प्रतिशत थी और वित्तीय वर्ष 2025 में यह 6.5 प्रतिशत थी और इस वर्ष इसके 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वास्तविक रूप से, सकल स्थायी पूंजी निर्माण का प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2025 की तुलना में काफी बेहतर रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष 2012 से 2020 की अवधि की तुलना में कहीं बेहतर रहेगा, जब बैंकिंग और कॉर्पोरेट बैलेंस शीट तनाव के कारण वृद्धि औसतन मात्र 6.3 प्रतिशत प्रति वर्ष थी। श्री नागेश्वरन ने कहा कि अन्य समावेशी विकास मापदंडों के संदर्भ में, मैक्रो संकेतकों के अलावा, ग्रामीण विकास में, अब 81 प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध है, 2 करोड़ 90 लाख घर बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि और स्वामित्व योजना के अंतर्गत दो करोड़ 76 लाख संपत्ति कार्ड जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 14 करोड़ 30 लाख लाभार्थियों को यू-विन पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है। 42 करोड़ 80 लाख आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए गए हैं, और एक लाख 80 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। श्री नागेश्वरन ने कहा कि राज्यों को संप्रभु उधार लागत को किफायती बनाए रखने के लिए राजकोषीय अनुशासन का पालन करने की जरूरत है।
