Last Updated on January 20, 2026 10:31 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
- निफ्टी50 353 अंक (1.38%) गिरकर 25,232.50 पर बंद हुआ, जो 14 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
- सेंसेक्स 1,065.71 अंक (1.28%) टूटकर 82,180.47 पर आ गया।
गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा यूरोपीय देशों पर “ग्रीनलैंड टैरिफ” लगाने की धमकी (10–25% शुल्क) और कमजोर कॉरपोरेट नतीजे रहे।
“वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू कमजोरी ने बाज़ार को जकड़ लिया है। रुपया भी कमजोर हो रहा है, जिससे निवेशक सोना और अमेरिकी बॉन्ड जैसे सुरक्षित साधनों की ओर भाग रहे हैं,” — संतोष मीना, स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज़ के नंदिश शाह ने कहा कि निफ्टी ने सिर्फ 10 ट्रेडिंग सेशनों में 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की है।
प्रमुख शेयर
- बढ़त वाले: डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेट्रीज़, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स।
- गिरावट वाले: अदानी एंटरप्राइज़ेज़, बजाज फ़ाइनेंस, जियो फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ (3.7–4% गिरावट)।
सेक्टरवार प्रदर्शन
| सेक्टर/सूचकांक | गिरावट (%) | टिप्पणी |
|---|---|---|
| रियल्टी | -5.0 | सबसे ज़्यादा प्रभावित, डेवलपर्स पर दबाव |
| ऑटो | -2.0 | मांग का कमजोर अनुमान |
| आईटी | -2.5 | नतीजे और गाइडेंस निराशाजनक |
| मीडिया | -2.0 | विज्ञापन राजस्व में कमी |
| मेटल्स | -2.0 | वैश्विक टैरिफ़ आशंका से दबाव |
| पीएसयू बैंक | -1.8 | क्रेडिट ग्रोथ सुस्त |
| फ़ार्मा | -1.7 | चुनिंदा मज़बूती, पर दबाव बरकरार |
| तेल व गैस | -1.6 | कच्चे तेल की अस्थिरता |
| कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स | -1.5 | मांग में नरमी |
| निफ्टी नेक्स्ट 50 | -2.3 | व्यापक गिरावट |
| फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ | -1.16 | एनबीएफसी पर दबाव |
| निफ्टी बैंक | -0.81 | अपेक्षाकृत हल्की गिरावट |
व्यापक बाज़ार
- निफ्टी मिडकैप 100: -2.62% (3 माह का निचला स्तर)
- निफ्टी स्मॉलकैप 100: -2.85% (8 माह का निचला स्तर)
- मार्केट ब्रेड्थ: 3,590 शेयर गिरे, सिर्फ 707 बढ़े; 713 शेयर 52-सप्ताह के निचले स्तर पर।
ट्रस्टलाइन होल्डिंग्स के सीईओ एन. अरुणागिरी ने कहा:
“स्मॉलकैप इंडेक्स नवंबर से अब तक 11.5% गिर चुका है। कई शेयर 40–50% टूटे हैं। यह ‘बाय-ऑन-डिप्स’ वाला बाज़ार नहीं है, बल्कि चुनिंदा शेयरों पर ध्यान देने का समय है।”
मुद्रा
- रुपया: 6 पैसे कमजोर होकर ₹90.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
आगे की राह
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अमेरिका-यूरोप टैरिफ़ विवाद पर स्पष्टता नहीं आती, बाज़ार में अस्थिरता बनी रहेगी। संभावित रिकवरी बैंकिंग और आईटी सेक्टर की मज़बूती पर निर्भर करेगी।
https://biznama.com/stock-markets-in-turmoil-indices-log-steepest-fall-in-8-months
