Last Updated on April 7, 2026 9:56 pm by INDIAN AWAAZ

बिजनेस डेस्क

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों ने शुरुआती गिरावट से उबरते हुए शानदार रिकवरी दर्ज की। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण सत्र की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी, लेकिन आईटी (IT) और मेटल शेयरों में आई लिवाली ने बाजार को मजबूती के साथ हरे निशान में बंद करने में मदद की।

BSE सेंसेक्स 509.73 अंक यानी 0.69% की बढ़त के साथ 74,616.58 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 155.40 अंक (0.68%) चढ़कर 23,015.90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा।


क्षेत्रवार प्रदर्शन: IT और मेटल में रही सबसे ज्यादा खरीदारी

बाजार की रिकवरी में चुनिंदा सेक्टरों का बड़ा योगदान रहा, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा:

  • IT सेक्टर: निफ्टी आईटी इंडेक्स 2% से अधिक की तेजी के साथ टॉप परफॉर्मर रहा। विश्लेषकों के अनुसार, आकर्षक वैल्यूएशन और कमजोर होते रुपये से निर्यात आधारित आईटी कंपनियों को मिलने वाले लाभ की उम्मीद में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।
  • मेटल इंडेक्स: वैश्विक कमोडिटी कीमतों में मजबूती और मांग बढ़ने की उम्मीद से मेटल इंडेक्स 1.55% चढ़ा। स्टील और माइनिंग शेयरों में निवेशकों ने गहरी रुचि दिखाई।
  • FMCG और बैंकिंग: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता की तलाश में निवेशकों ने FMCG शेयरों का रुख किया, जिससे यह इंडेक्स 0.82% बढ़ा। बैंकिंग क्षेत्र में मिला-जुला रुख रहा; जहाँ निजी बैंकों में 0.49% की बढ़त दिखी, वहीं सरकारी बैंकों (PSU Banks) में 0.71% की गिरावट दर्ज की गई।

“कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक तनाव (विशेषकर डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच) के बावजूद भारतीय बाजारों ने रिकवरी का रुख बनाए रखा। निवेशकों ने कुछ खास सेक्टरों में वैल्यूएशन को देखते हुए चुनिंदा खरीदारी की है।”

विनोद नायर, हेड ऑफ रिसर्च, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स


वैश्विक संकेतों का असर

बाजार पर वैश्विक कारकों का दबाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है:

  • कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे मुद्रास्फीति (Inflation) की चिंताएं बरकरार हैं।
  • सुरक्षित निवेश: अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी में मजबूती देखी गई। 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,439 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,33,306 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही।

एशियाई बाजारों का हाल: एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का निक्केई (Nikkei) 0.26% और ताइवान का इंडेक्स 1.98% चढ़ा, जबकि हांगकांग के हेंगसेंग (Hang Seng) में 0.71% की गिरावट दर्ज की गई।


आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों की नजर अब कंपनियों के तिमाही नतीजों (Quarterly Results) और कच्चे तेल की चाल पर टिकी है। फिलहाल आईटी, मेटल और डिफेंसिव कंज्यूमर स्टॉक बाजार को सहारा देना जारी रख सकते हैं।