Last Updated on March 30, 2026 5:13 pm by INDIAN AWAAZ
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली; निफ्टी 22,350 के नीचे बंद
शेयर बाजार 31 मार्च को Mahavir Jayanti के अवसर पर बंद रहेगा।

AMN
मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता ने दलाल स्ट्रीट पर दबाव बढ़ा दिया।
बीएसई का प्रमुख सूचकांक S&P BSE Sensex 1,635.67 अंक यानी 2.22% गिरकर 71,947.55 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 488.20 अंक यानी 2.14% टूटकर 22,331.40 पर आ गया, जो 22,350 के अहम स्तर से नीचे है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 4.41% और निफ्टी 4.18% तक गिर चुके हैं।
व्यापक बाजार में और ज्यादा कमजोरी देखी गई। BSE MidCap Index 2.51% और BSE SmallCap Index 2.57% गिर गए, जिससे बाजार की चौड़ाई कमजोर रही।
बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी, जहां India VIX 4.04% बढ़कर 27.89 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
सेक्टोरल प्रदर्शन
सेक्टोरल आधार पर एफएमसीजी, आईटी और फार्मा शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, हालांकि ये भी गिरावट में रहे। दूसरी ओर, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
शेयर बाजार 31 मार्च को Mahavir Jayanti के अवसर पर बंद रहेगा।
आर्थिक संकेतक
औद्योगिक उत्पादन में मामूली सुधार देखा गया। Index of Industrial Production फरवरी 2026 में 5.2% की दर से बढ़ा, जो जनवरी के 4.8% से अधिक है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 6% की वृद्धि दर्ज की।
बॉन्ड बाजार में 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 6.998% हो गई। वहीं, रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ी मजबूती के साथ 94.78 के स्तर पर पहुंच गया, हालांकि दिन में यह रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसला था।
कमोडिटी बाजार में सोने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में गिरावट रही, जबकि यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। अमेरिका में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां Dow Jones Industrial Average करेक्शन जोन में पहुंच गया।
इस बीच, Bank of Japan ने संकेत दिया है कि बढ़ती तेल कीमतों के कारण महंगाई दबाव बढ़ सकता है, जिससे ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।
मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है, जहां यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इज़राइल पर मिसाइल हमलों की खबरें हैं, जिससे संघर्ष और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
आगे का रुख
विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशक अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए रखेंगे।
