Last Updated on March 27, 2026 11:48 pm by INDIAN AWAAZ

A AKHTER / NEW DELHI
पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम और उसके भारत पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में देश की तैयारियों की समीक्षा की गई और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने बैठक में मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि बदलती परिस्थितियों में सतर्कता, तैयारी और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक संकटों से निपटने का अनुभव है और कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों ने “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने का सफल प्रयास किया था।
प्रधानमंत्री ने बताया कि मौजूदा स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए सरकार हर पहलू पर नज़र रख रही है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय रूप से रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है और आवश्यक निर्णय ले रहा है। सरकार की प्राथमिकताओं में आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना तथा उद्योग और आपूर्ति तंत्र को मजबूत रखना शामिल है।
उन्होंने राज्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अधिकांश निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन राज्यों के स्तर पर ही होता है। इसलिए केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संवाद, समय पर जानकारी का आदान-प्रदान और साझा निर्णय-प्रक्रिया आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला सुचारु बनी रहे और जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने तथा प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने की भी सलाह दी। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने उर्वरकों के भंडारण और वितरण की निगरानी करने तथा आगामी खरीफ मौसम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने अफवाहों और गलत सूचनाओं के प्रसार के प्रति भी चेतावनी दी और कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी का समय पर प्रसार आवश्यक है ताकि अनावश्यक घबराहट से बचा जा सके। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की भी सलाह दी। सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया, ताकि जहाजरानी, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़े संभावित मुद्दों से समय रहते निपटा जा सके।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी।
कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुति देते हुए राज्यों के लिए आवश्यक कदमों और सुझावों की जानकारी दी। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और आश्वस्त किया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र सक्रिय है।
मुख्यमंत्रियों ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कमी और राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने केंद्र के साथ मिलकर स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना करने और नागरिकों के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
